अब कैंसर-हार्ट के 8 हजार तक के टेस्ट फ्री होंगे- अप्रैल से किसी कैटेगरी या एज ग्रुप कार्ड की जरूरत नहीं

अब कैंसर-हार्ट के 8 हजार तक के टेस्ट फ्री होंगे- अप्रैल से किसी कैटेगरी या एज ग्रुप कार्ड की जरूरत नहीं
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। गहलोत सरकार ने प्रदेश के लोगों के लिए सभी सरकारी हॉस्पिटल में ओपीडी और आईपीडी मरीजों के तमाम इलाज फ्री करने की घोषणा की है। इसमें जांच पर लगने वाला शुल्क भी शामिल है। वर्तमान में आउटडोर (ओपीडी) में आने वाले मरीजों को जिला या मेडिकल कॉलेज से संबंधित हॉस्पिटल में ब्लड से संबंधी कई टेस्ट के लिए फीस देनी होती है।

इसके अलावा गेस्ट्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑप्टोमोलॉजी, हार्ट, कैंसर से जुड़ी कई बीमारियों के लिए 100 रूपए से लेकर 8 हजार रूपए तक का शुल्क देना पड़ता है। वहीं, इलाज के लिए भर्ती मरीज से आईसीयू बेड चार्ज, एडमिशन फीस समेत अन्य कई शुल्क लिए जाते हैं। नए फाइनेंशियल ईयर यानी अप्रैल से ये सभी टेस्ट फ्री होंगे। हेल्थ को लेकर बजट में कई घोषणाएं की गई हैं।

सरकार ने अभी 60 साल या उससे ज्यादा एज ग्रुप (सीनियर सिटीजन) के मरीजों के लिए सरकारी हॉस्पिटल में तमाम सुविधाएं फ्री कर रखी है। अगर मुख्यमंत्री की ये घोषणा अमल में आती है तो इस दायरे में हर एज ग्रुप के लोग आ जाएंगे।

पिछले कार्यकाल में शुरू की थी फ्री दवाइयां और जांच

गहलोत ने अपने दूसरे कार्यकाल में साल 2011 में सबसे पहले मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना से इसकी शुरूआत की थी। तब सरकार ने कई तरह की दवाइयां ओपीडी और आईपीडी मरीजों को फ्री देना शुरू किया था। इसके दो साल बाद साल 2013 में सरकार ने फ्री जांच की सुविधा शुरू की। तब जिला हॉस्पिटल में 70 तरह की जांच फ्री करने की शुरूआत की थी। वहीं, पीएचसी-सीएचसी में 37 तरह की जांच फ्री की जाती थी। अब इन जांच की संख्या बढ़कर वर्तमान में 133 हो गई है।

अभी इन सेवाओं का शुल्क

वर्तमान में ब्लड की जांच थायराइड, शुगर की एचबीए1सी, विटामिन बी-12 समेत 20 से ज्यादा ऐसी जांच है, जिनके लिए एसएमएस में 60 साल से कम एज ग्रुप के लोगों को 100 से 1500 रूपए तक की फीस देनी पड़ती है। इसके अलावा रेडियोलॉजी और कैथलैब में एंजीयोग्राफी, 2डी ईको, सोनोग्राफी, आंखों की एफएफए, ओसीटी, ग्रीन लेजर समेत तमाम कई जांचों पर मरीजों से शुल्क लिया जाता है। इन सभी शुल्क को सरकार आने वाले समय में फ्री कर सकती है। सिटी स्कैन, एमआरआई की जांच के लिए मरीज से 500 से लेकर 8 हजार या उससे ज्यादा की फीस ली जाती है। हालांकि ये टेस्ट अभी कॉन्ट्रैक्ट बेस पर मशीनें लगाकर करवाई जा रही है। इनको भी फ्री करने की कवायद चल रही है।

ओपीडी में दिखने के लिए मरीज को पर्ची बनवाने के लिए 10 रूपए और एडमिट होने पर 50 रूपए फीस ली जाती है, जो आने वाले समय में फ्री हो सकती है। इसके अलावा आईपीडी मरीज जो आईसीयू बेड पर होता है उससे 250 रूपए प्रतिदिन का शुल्क लिया जाता है।


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