राहुल ही नहीं, हरसिमरत को भी खूब सुना गए PM मोदी

राहुल ही नहीं, हरसिमरत को भी खूब सुना गए PM मोदी
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए लाए गए कुछ विधेयकों पर खासा बवाल हो रहा है। केंद्र सरकार में शिरोमणि अकाली दल कोटे की मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने बिल के विरोध में इस्तीफा दे दिया। पंजाब और हरियाणा में जगह-जगह किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दल भी सरकार पर मंडियों को खत्म करने तथा किसानों के लिए मुसीबत खड़ी करने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर दोहराया है कि बिल से किसानों को फायदा ही फायदा है। जो इसका विरोध कर रहे हैं, वह असल में ‘किसानों को धोखाÓ दे रहे हैं।

‘कृषि बिलों से किसानों के बंधन खुले’

बिहार के कोसी में रेल पुल का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए प्र.म. मोदी ने कहा, कल विश्वकर्मा जयंती के दिन, लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयक पारित किए गए हैं। इन विधेयकों ने हमारे अन्नदाता किसानों को अनेक बंधनों से मुक्ति दिलाई है, उन्हें आजाद किया है। इन सुधारों से किसानों को अपनी उपज बेचने में और ज्यादा विकल्प मिलेंगे, और ज्यादा अवसर मिलेंगे।

विरोध करने वाले भूल गए हैं चुनावी वादे

मोदी ने आगे कहा, चुनाव के समय किसानों को लुभाने के लिए ये बड़ी-बड़ी बातें करते थे, लिखित में करते थे, अपने घोषणापत्र में डालते थे और चुनाव के बाद भूल जाते थे। और आज जब वही चीजें एनडीए सरकार कर रही है, किसानों को समर्पित हमारी सरकार कर रही है, तो ये भांति-भांति के भ्रम फैला रहे हैं। जिस एपीएमसी एक्ट को लेकर अब ये लोग राजनीति कर रहे हैं, एग्रीकल्चर मार्केट के प्रावधानों में बदलाव का विरोध कर रहे हैं, उसी बदलाव की बात इन लोगों ने अपने घोषणापत्र में भी लिखी थी लेकिन अब जब एनडीए सरकार ने ये बदलाव कर दिया है, तो ये लोग इसका विरोध करने पर उतर आए हैं।

‘हमारी सरकार का ऐतिहासिक कदम’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से कहा कि वे बिल का विरोध कर रहे लोगों से सावधान रहें। उन्होंने कहा, मैं आज देश के किसानों को स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं। आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पडि़ए। इन लोगों से देश के किसानों को सतर्क रहना है। ऐसे लोगों से सावधान रहें जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया और जो आज किसानों से झूठ बोल रहे हैं। वो लोग किसानों की रक्षा का ढिंढोरा पीट रहे हैं लेकिन दरअसल वे किसानों को अनेक बंधनों में जकड़कर रखना चाहते हैं। वो लोग बिचौलियों का साथ दे रहे हैं, वो लोग किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रहे हैं। किसानों को अपनी उपज देश में कहीं पर भी, किसी को भी बेचने की आजादी देना, बहुत ऐतिहासिक कदम है। 21वीं सदी में भारत का किसान, बंधनों में नहीं, खुलकर खेती करेगा, जहां मन आएगा अपनी उपज बेचेगा, किसी बिचौलिए का मोहताज नहीं रहेगा और अपनी उपज, अपनी आय भी बढ़ाएगा।


Share