ऑक्सीजन की कमी से किसी कोरोना पीडि़त की मौत नहीं ? – अब राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री ने भी सहमति जताई

'राष्ट्रीय आपातकाल जैसे हालात' - ऑक्सीजन की कमी पर सुको ने केंद्र से मांगा जवाब
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नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश में एक भी शख्स की ऑक्सीजन की कमी से मौत की सूचना से इनकार किया है। केंद्र के इस बयान से मंगलवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। सरकार के जवाब पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि सिर्फ सिर्फ ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सत्य की भी भारी कमी थी। वहीं मुद्दे को लेकर संसद में आम आदमी पार्टी (आप) विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में है। हालांकि सरकार का कहना है कि ये आंकड़ा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ : ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा, यह सच है कि छत्तीसगढ़ में ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की जान नहीं गई। हम एक ऑक्सीजन सरप्लस राज्य हैं। मैनेजमेंट को लेकर कुछ दिक्कत हो सकती है लेकिन ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई। हमने दिल्ली और दूसरे राज्यों में ऑक्सीजन की कमी के बारे में सुना था लेकिन सरकारों के ऊपर है कि वे कैसे रिपोर्ट करते हैं।

‘तमिलनाडु :  हमने युद्धस्तर पर काम किए ‘

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री एम सुब्रह्मण्यम ने कहा, तमिलनाडु में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई। सीएम ने इसे रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम किया। जब हमने ऑक्सीजन की किल्लत झेली तो हमने तुरंत केंद्र से संपर्क किया और ऑक्सीजन की खरीद की। इसलिए हमें बड़े प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ा।

मध्यप्रदेश : ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं

मध्य प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, हमारे राज्य में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं घटित हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी राज्यसभा में यही कहा है। यहां तक कि तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री भी यही बात बोल रहे हैं।

बिहार : ‘हमने सभी अस्पतालों में पहुंचाई ऑक्सीजनÓ

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा, दूसरी लहर के दौरान हमने दबाव में लड़ते हुए इंतजाम किए। हमें केंद्र का समर्थन मिला और ऑक्सीजन आवंटन बढ़ाया गया। हमने सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था की। कांग्रेस लोगों की मदद नहीं करना चाहती। वे केवल संसद में मुद्दे उठाते हैं।

महाराष्ट्र : आक्सीजन की कमी से मौत का दावा गलत

महाराष्ट्र के शिवसेना के नेतृत्व वाले गठबंधन की महाराष्ट्र सरकार ने भी किया है। दिलचस्प बात यह है कि केंद्र सरकार के दावे के बाद हमला बोलने वाले शिवसेना नेता संजय राउत के बयान को ही उनकी सरकार ने गलत ठहरा दिया है। संजय राउत ने केंद्र सरकार के दावे पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि मेरे पास शब्द नहीं हैं। आखिर केंद्र के इस बयान से उन लोगों के परिजनों को कैसा महसूस हो रहा है, जिन्होंने ऑक्सीजन की कमी के चलते अपनी जान गंवा दी थी। यही नहीं राउत ने कहा था कि केंद्र सरकार के खिलाफ इस तरह का झूठ बोलने को लेकर केस दर्ज किया जाना चाहिए। दरअसल मंगलवार को संसद में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ भारती प्रवीण पवार ने कहा था कि किसी भी राज्य से ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत की जानकारी नहीं मिली है।

नासिक हादसे  पर बोले महाराष्ट्र के हेल्थ सेक्रेटरी : वह एक हादसा था

बुधवार को महाराष्ट्र के हेल्थ कमिश्नर रामास्वामी एन. ने कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी से कोई नहीं हुई है। यही नहीं नासिक के एक अस्पताल में ऑक्सीजन लीक होने के दौरान सप्लाई रूकने की घटना में हुई मौतों को लेकर भी रामास्वामी ने कहा कि वह एक हादसा था। लेकिन राज्य में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई है।

‘राजस्थान में ऑक्सीजन की किल्लत थी लेकिन मौत नहीं’

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने माना कि राज्य में ऑक्सीजन की किल्लत थी। उन्होंने कहा, यहां ऑक्सीजन की कमी हुई थी। सीएम ने ऑक्सीजन की एक निश्चित मात्रा की मांग करने के लिए तीन मंत्रियों को दिल्ली भेजा। हमें 600 मीट्रिक टन की जरूरत थी लेकिन सिर्फ 400 मिले। हमारा मैनेंजमेंट अच्छा था इसलिए बड़ी दुर्घटनाएं टल गईं।


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