सातवीं बार सीएम बने नीतीश

नतीजों के बाद पहली बार मीडिया से बोले सीएम कैंडिडेट नीतीश कुमार
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पटना (एजेंसी)। नीतीश कुमार लगातार चौथी बार और कुल 7वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं। राज्यपाल फागू चौहान ने सोमवार को राजभवन में उन्हें व उनकी मंत्रीपरिषद के 14 अन्य मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस बार पिछली सरकार के कई मंत्रियों को मौका नहीं मिला है। कई नए लोगों को मौका मिला है।  मंत्रिपरिषद में भाजपा से 7, जेडीयू से 5, हम और वीआईपी से एक-एक मंत्रियों को जगह मिली है। शपथ ग्रहण के दौरान समारोह में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद भाजपा की ओर कटिहार के विधायक तारकिशोर प्रसाद और बेतिया की विधायक रेणु देवी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। पिछली तीनों एनडीए सरकार में सुशील मोदी उपमुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन इस बार उन्हें मौका नहीं मिला है। उनकी जगह तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

नीतीश ने सुशील को किया ‘मिस’

बिहार की नीतीश सरकार में करीब 13 साल तक उप मुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार मोदी की कमी आज सातवीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार को भी खल रही है। नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार में सातवीं बार मुख्यमंत्री पद और गपनीयता की शपथ ग्रहण की। उन्हें बिहार के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक जनता दल यूनाइटेड, भारतीय जनता पार्टी, ङ्क्षहदुस्तानी आवाम मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी के 14 नए मंत्रियों की एक टीम तो मिली लेकिन इस टीम में अब तक उनके साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चले पूर्व उप मुख्यमंत्री  सुशील कुमार मोदी नहीं हैं । शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या वह मोदी की कमी को महसूस कर रहे हैं तब उन्होंने इसका उत्तर हां में दिया, लेकिन इससे ज्यादा वह कुछ और नहीं कहे । उन्होंने इतने सवाल के जवाब में कहा, हर बार कुछ नया होता है और इस बार भी नया होगा। सभी मिलकर अच्छा काम करेंगे। वहीं, मोदी से जब संवाददाताओं ने उन्हें उप मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने के संबंध में सवाल किया तब उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। वह पत्रकारों के हर सवाल पर चुप्पी साधे रहे ।


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