बिहार में फिर एनडीए सरकार, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

मंच से लेकर भाषण तक, हर जगह दिखी मोदी
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नई दिल्ली (एजेंसी)। बिहार में अगले पांच साल तक सत्ता पर कौन काबिज होगा यह तो 10 नवंबर को ही साफ हो पाएगा, लेकिन एक और ओपिनियन पोल के मुताबिक बिहार में फिर एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। एबीपी न्यूज़-सी वोटर के  ताजा ओपिनियन पोल के मुताबिक, 243 सीटों वाले विधानसभा में एनडीए को 135-159 सीटें मिल सकती हैं तो महागठबंधन के खाते में 77 से 98 सीटें जा सकती हैं।

जेडीयू से अधिक सीटों पर लड़ रही लोक जनशक्ति पार्टी को 1-5 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है। वोट शेयर की बात करें तो एनडीए को 43′ वोट शेयर मिल सकता है तो महागठबंधन के खाते में 35 फीसदी वोट जा सकते हैं। लोक जनशक्ति पार्टी को 4 पर्सेंट तो अन्य के खातों में 18 पर्सेंट वोट जाते दिख रहे हैं। एबीपी सी वोटर की ओर से बताया गया है कि 1 से 23 अक्टूबर के बीच हुए इस ओपिनियन पोल के लिए 30 हजार 678 लोगों की राय ली गई है। बिहार विधानसभा चुनाव कुल तीन चरणों में होंगे। 28 अक्टूबर, 3 नवंबर को और 7 नवंबर को वोटिंग होगी तो 10 नवंबर को आएंगे।

बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें

ओपिनियन पोल के मुताबिक, इस चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी होगी। बीजेपी को 73 से 81 सीटें मिल सकती हैं, जबकि नीतीश कुमार की अगुआई वाली पार्टी जेडीयू को 59 से 67 सीटें मिल सकती हैं। वीआईपी को 3-7 तो हम को 0-4 सीटें मिल सकती हैं। दूसरी तरफ महागठबंधन में आरजेडी को 56-64 सीटें मिल सकती हैं तो कांग्रेस 12-20 सीटों पर सिमट सकती है। लेफ्ट को 9-14 सीटें मिलती दिख रही हैं।

सीएम पद के लिए कौन सबसे ज्यादा लोकप्रिय?

ओपिनियन पोल में लोगों से यह सवाल भी पूछा गया था कि मुख्यमंत्री के रूप में उनकी पहली पसंद कौन है। 15 साल से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 30′ लोगों ने पहली पसंद बताया तो तेजस्वी यादव को 20′ लोग अगले सीएम के रूप में देखना चाहते हैं।

चिराग पासवान पर 14 फीसदी तो मौजूदा डिप्टी सीएम सुशील मोदी को सिर्फ 10′ लोग मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं।

नीतीश से नाराजगी?

बिहार में नीतीश कुमार 15 सालों से शासन में हैं। अक्सर लंबे शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ता है। ओपिनियन पोल में मुख्यमंत्री नीतीश से लोगों की नाराजगी को लेकर भी सवाल पूछा गया। इसके जवाब में जो आंकड़े आए हैं उससे नीतीश की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 60 फीसदी लोगों ने कहा कि वे नीतीश कुमार से नाराज हैं और मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं। 26′ लोगों ने कहा कि वे नीतीश से नाराज तो हैं लेकिन उन्हें फिर मौका देना चाहते हैं। 14′ लोग ना तो नाराज हैं और न ही नीतीश को बदलना चाहते हैं।


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