नवीन पटनायक ने मांगा सभी कैबिनेट मंत्रियों का इस्तीफा, ओडिशा में बदलेगा पूरा मंत्रिमंडल

नवीन पटनायक ने मांगा सभी कैबिनेट मंत्रियों का इस्तीफा, ओडिशा में बदलेगा पूरा मंत्रिमंडल
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भुवनेश्वर (एजेंसी)। ओडिशा में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार के सभी कैबिनेट मंत्रियों से इस्तीफा  मांगा गया है। कहा जा रहा है कि सरकार सारे मंत्रियों को हटाकर नए मंत्रियों को प्रभार देगी। नए मंत्रियों के नाम गुप्त रखे गए हैं। सभी रविवार को ओडिशा के राजभवन में मंत्री पद   की शपथ लेंगे। राज्य में 2024 में विधानसभा चुनाव होने हैं और माना जा रहा है कि पटनायक अपनी नई टीम के साथ चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

ओडिशा विधानसभा में क्या   है वर्तमान स्थिति

ओडिशा में 2019 में विधानसभा चुनाव हुए थे। राज्य की कुल 146 विधानसभा सीटों में से नवीन पटनायक की पार्टी ने 113 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए बंपर बहुमत पाया था। इसके अलावा भाजपा 23, कांग्रेस 9 और लेफ्ट एक सीट जीती थी। वहीं एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई थी। ओडिशा में सरकार बनाने के लिए बहुमत का जरूरी आंकड़ा 74 है। इस लिहाज से नवीन पटनायक को प्रचंड बहुमत मिला था।

सबसे लंबे वक्त तक सीएम की लिस्ट में तीसरे नंबर पर

नवीन पटनायक के नाम पर सबसे लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री रहने वालों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर होने का रिकॉर्ड है। 2000 में पहली बार नवीन के नेतृत्व में बीजू जनता दल की सरकार बनी थी। तभी से चुनाव दर चुनाव पटनायक ने मिसाल कायम की। 2014 और 2019 की प्रचंड मोदी लहर में भी ओडिशा में नवीन पटनायक ने भारी बहुमत से सत्ता हासिल की। बीजेडी ने 2019 के विधानसभा चुनाव में 44.7 फीसदी वोटों के साथ 113 सीटें जीतीं। वहीं 2014 के चुनाव में भी पटनायक ने 43.7 फीसदी वोटों के साथ 117 सीटों पर विजय पताका लहराई थी। देश में सबसे लंबे वक्त तक सीएम रहने का रिकॉर्ड सिक्किम के पवन कुमार चामलिंग (24 वर्ष) के नाम पर है। वहीं दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल के ज्योति बसु हैं, जिन्होंने 1977 से 2000 तक यानी 23 सालों तक बंगाल की सत्ता संभाली। इस लिस्ट में नवीन पटनायक तीसरे नंबर पर हैं। बतौर सीएम अब तक उन्होंने 22 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है।

उपचुनाव भी जीती बीजेडी : इसी हफ्ते ओडिशा की एक सीट पर हुए उपचुनाव में भी बीजेडी को ही जीत मिली थी। दिसंबर 2021 में बीजेडी विधायक किशोर मोहंती का निधन हो जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी थी। पार्टी ने उपचुनाव में किशोर मोहंती की पत्नी को उतारा था।


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