राजस्थान के नेताओं को नड्डा की नसीहत

राजस्थान के नेताओं को नड्डा की नसीहत
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जयपुर (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश के नेताओं को एकजुट रहने और लक्ष्य की दिशा में मिलकर आगे बढऩे का आह्वान किया है। अपने उद्बोधन में नड्डा ने कई बातें सीधे तो कई बातें इशारों ही इशारों में कह डाली। कार्य समिति के नेताओं को ‘विजयी मंत्र’ देते हुए नड्डा ने भी नसीहतें भी दीं तो पार्टी को मजबूत करने के कई टास्क भी दिए।

एकजुट रहने की दी नसीहत

नड्डा ने अपने भाषण में नेताओं को एकजुट रहने पर भी ख़ास फोकस रखा। उन्होंने ‘एकला चलो’ के सिद्धांत वाले नेताओं को एक उदाहरण देते हुए समझाया। उन्होंने कहा कि कुछ नेता होते हैं जो सोचते हैं कि पार्टी में कार्य करते हुए 20 साल हो गए लेकिन पार्टी ने अब तक कुछ नहीं दिया। पर वे ये नहीं सोचते कि 20 साल से वो अकेले ही चल रहे थे। ये कहते हुए उन्होंने नेताओं को साथ मिलकर चलने की नसीहत दी। नड्डा ने कहा कि पार्टी नेताओं को सब को साथ लेकर चलने की ताकत समझकर उसे डेवलप करना होगा। उन्होंने कहा कि नेता किसी के कहने से नहीं बनता, बल्कि अपने एक्शन से बनता है। पर एक्शन में हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारी स्वीकार्यता तभी है जब हम सबको साथ लेकर चलेंगे।

‘6 अप्रैल तक मजबूत करें मंडल’

नड्डा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी काडर बेस्ड पार्टी है, इसलिए संगठन को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने 6 अप्रैल को स्थापना दिवस तक की मियाद देते हुए कहा कि इस विशेष दिन से पहले सभी मंडलों को मजबूत किया जाना चाहिए। कोई बूथ ऐसा नहीं रहना चाहिए जिस पर हमारी बूथ कमेटी नहीं हो। इसमें सभी वर्ग के लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के नेताओं को मंथन करके आगे बढऩे के निर्देश दिए।

’25 दिसंबर तक बनाए पन्ना प्रमुख

मंडल और बूथ कमेटियों को मजबूत करने के बाद नड्डा ने हर बूथ पर पन्ना प्रमुख बनाने और उन्हें सक्रीय करने की भी मियाद दी। नड्डा ने कहा कि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक हर बूथ पर सक्रिय पन्ना प्रमुख बनाने का लक्ष्य तय किया जाना चाहिए।

‘बूथ हमारी ताकत है’

नड्डा ने पार्टी में बूथ के महत्व पर जोर दिया। साथ ही कहा कि एक राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली से चलकर बूथ की बात इसलिए कर रहा है क्योंकि बूथ ही भाजपा की ताकत है। उन्होंने गुजरात के सूरत का उदाहरण देते हुए कहा कि सूरत में पार्टी को सबसे ज्यादा मार्जिन से जीत इसलिए नसीब हुई थी क्योंकि वहां का बूथ मजबूत था। जबकि वहां कोई बड़ी सभा तक नहीं हुई।

‘सेल्फ एनालिसिस करें नेता’

नड्डा ने नेताओं को जीत के मंत्र देते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्त किये जाने वाले प्रभारी या प्रवास करने वाले नेता ऐसे होने चाहिए जो अंदर तक सब कुछ जान सकें। उन्होंने नेताओं के लापरवाह अंदाज की ओर इशारा करते हुए कहा कि कुछ नेता जाने अनजाने में ये समझ बैठते हैं कि वे सब जानते हैं। उन्होंने कहा कि आजकल नेताओं ने ‘सेल्फ एनालिसिस’ करना छोड़ दिया है। इस तरह के काम करने से हमारी प्रोडक्टिविटी खत्म हो जाती है। उन्होंने सभी को सेल्फ एनालिसिस करने पर जोर दिया।

‘कार्यकर्ता समस्या नहीं समाधान है’

नड्डा ने कहा कि नेता को कभी अपने कार्यकर्ता को समस्या नहीं समझना चाहिए। कार्यकर्ता समस्या नहीं, बल्कि समाधान होता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पोस्ट ऑफिस नहीं है, हमें पोस्टमैन नहीं कार्यकर्ता बनना है।

‘किसानों के नाम पर वर्षों तक राजनीति’

नड्डा ने कहा कि कुछ किसान नेताओं ने किसानों का भला नहीं करके वर्षों तक उनके नाम पर राजनीति की है। केंद्र सरकार के तीनों कानून किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलने जा रहे हैं। यह तीनों कानून ‘ऑप्शनल’ हैं फिर भी गतिरोध बना हुआ है। उन्होंने ‘विरोधियों’ पर निशाना साधते हुए कहा कि ये वो लोग हैं जो कभी रिफॉर्म्स की बातें करते हैं, और जब रिफोर्म्स होते हैं तो दूसरी तरफ जाकर कहते हैं ‘नो रिफॉम्र्स’।

‘किसानों के बीच जाएँ, सच्चाई बताएं’

किसान आंदोलन के गरमाए मुद्दे पर बोलते हुए नड्डा ने कहा कि अब जब किसानों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकी जा रही हैं तो इस दौरान पार्टी का काम है कि वो प्रत्येक किसान के बीच जाए और उसे कानून के बारे में बताएं।

बिरला ऑडिटोरियम तक रोड शो जैसा स्वागत

इससे पहले एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नड्डा को घेर लिया। वे कार में प्रवेश करने के बाद रूफ टॉप से बाहर निकले और सभी का अभिवादन किया। एयरपोर्ट से लेकर ऑडिटोरियम तक के रास्ते में 12 जगह उनका स्वागत किया गया। इस बीच रामबाग सर्किल पर 4-5 युवकों ने काले झंडे दिखाने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।

पूनिया ने की राजे की तारीफ

इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने अपने संबोधन में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की जमकर तारीफ की। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला मौका है जब पूनिया ने मंच से राजे की तारीफ की। उन्होंने कहा कि चारों सीटों पर उपचुनाव में जीत दर्ज करेंगे। राजस्थान में एक बार भाजपा एक बार कांगेस का सिलसिला बंद होगा। अब हर बार भाजपा होगी।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी अध्यक्षजी (नड्डा) ने हमें घर नहीं बैठने दिया। जरूरतमंदों की सेवा करवाई। सोनिया गांधी ने आधा किलो आटा भी कोरोना काल में किसी को नहीं दिया होगा।

नड्डा के आने से पहले गुटबाजी, नड्डा के आते ही एक साथ आए भाजपा नेता

जेपी नड्डा के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे भाजपा नेताओं में शुरू में गुटबाजी दिखी। वसुंधरा राजे और उनके समर्थक नेता पहले अलग खड़े रहे। वहीं, सतीश पूनिया, गुलाबचंद कटारिया खेमे के नेता अलग। जैसे ही नड्डा एयरपोर्ट आए पहले अलग-अलग गुटों में दिख रहे नेता एक कतार में आ गए। नड्डा के आते ही सभी गुटों के नेता एकजुट होते दिखे। राजे और पूनिया ने एयरपोर्ट पर एक साथ नड्डा का स्वागत किया।


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