एमएसपी न बंद होगी, न खत्म होगी

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नई दिल्ली (एजेंसी)। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं। इधर सरकार, किसी न किसी बहाने नए कानूनों के फायदे गिना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के किसानों के सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। 53 मिनट के भाषण में मोदी ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर एक बार फिर कहा कि एमएसपी न बंद होगी, न खत्म होगी। उन्होंने कहा कि किसान उन लोगों से बचकर रहें, जो कृषि सुधारों पर झूठ का जाल फैला रहे हैं।

  1. एमएसपी न बंद होगी, न खत्म होगी

एक झूठ बार-बार बोला जा रहा है। मैंने कहा कि स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का काम हमारी सरकार ने किया। सरकार एमएसपी को लेकर इतनी गंभीर है कि बुआई से पहले इसकी घोषणा करती है। किसानों को पता चल जाता है कि किस फसल पर कितनी एमएसपी मिलने वाली है। ये कानून 6 महीने पहले लागू हो चुके थे। एमएसपी की घोषणा पहले की तरह हुई, खरीद उन्हीं मंडियों में हुई। कानून बनने के बाद एमएसपी की घोषणा हुई, इसी एमएसपी पर फसलों की खरीद हुई। मैं कहना चाहता हूं कि एमएसपी न बंद नहीं होगी, न खत्म होगी।

  1. किसानों को गुमराह किया जा रहा

2014 से पहले की सरकार के 5 साल में किसानों से सिर्फ डेढ़ लाख मीट्रिक टन दाल खरीदी गई। हमने किसानों को दाल की पैदावार के लिए प्रोत्साहित किया। हमने 112 लाख मीट्रिक टन दाल खरीदी। उन्होंने दाल पैदा करने वाले किसानों को 650 करोड़, तो हमने 50 हजार करोड़ दिए।  आज दाल के किसान को ज्यादा पैसा मिल रहा है। जो लोग न किसानों को ढंग से एमएसपी दे सके, न एमएसपी पर ढंग से खरीदी कर सके, वे किसानों को गुमराह कर रहे हैं।

  1. हमने किसानों को लागत का डेढ़ गुना एमएसपी दिया

पहले वाली सरकारों को लगा कि सरकार को किसानों पर ज्यादा खर्च न करना पड़े, इसलिए स्वामीनाथन रिपोर्ट को 8 साल तक दबाकर रखा। हमारी सरकार किसानों को अन्नदाता मानती है। हमने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट निकाली। किसानों को लागत का डेढ़ गुना एमएसपी दिया। किसानों के साथ धोखाधड़ी का उदाहरण कर्ज माफी का वादा है। मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले कहा गया कि कर्ज माफ कर देंगे, लेकिन हुआ कुछ नहीं। राजस्थान के लाखों किसान आज भी कर्जमाफी का इंतजार कर रहे हैं। मैं यही सोचता हूं कि कोई इस हद तक भोले-भाले किसानों के साथ छल-कपट कैसे कर सकता है।


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