रीट -पेपर लीक मामले में सांसद किरोड़ीलाल ने खोला कच्चा-चिटठा, कई चौंकाने वाले नामों का खुलासा, कहा-बड़े मगरमच्छों को बचा रही एसओजी, हाईकोर्ट में देंगे सुबूत

MP Kirodi Lal opened raw-chip in reet-paper leak case
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। रीट पेपर लीक मामले में भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने जयपुर में प्रेसवार्ता कर कच्चा चिटठा खोला। उन्होंने आरोप लगाया है कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ डीपी जारोली और उनके मित्र और जयपुर के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर लगाए गए इकलौते प्राइवेट व्यक्ति डॉ प्रदीप पाराशर ने ही जयपुर के शिक्षा संकुल में दिनभर रहकर 24 सितम्बर 2021 को रीट पेपर बेचकर लीक किया है। इसके अलावा एक कैबिनेट मंत्री और एक ब्यूरोक्रेट ने मिलकर मंत्री की जान पहचान वाली प्रिंटिग प्रेस एजेंसी को पेपर छपवाने का ठेका दिया। जिसकी प्रेस कलकत्ता की थी। जिसने पेपर छापने का ठेका लिया। उस फर्म का मालिक अहमदाबाद का है। वो चार बार शिक्षा मंत्री से मिला और कुछ बड़े ब्यूरोक्रेट्स से भी मिला। तत्कालीन शिक्षा मंत्री और ब्यूरोक्रेट ने पेपर लीक में इकट्ठा हुई रकम और पेपर छपवाने में हुए घपले की रिश्वत का बंटवारा भी किया। जिसकी डिटेल कुछ दिन बाद पत्रकार वार्ता में दूंगा। सूत्रों के मुताबिक डॉ किरोड़ीलाल मीणा के आरोपों के बाद एसओजी की टीम बोर्ड अध्यक्ष डॉ डीपी जारोली के ऑफिस तक पहुंच गई और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

शिक्षा संकुल में बोर्ड अध्यक्ष जारोली-कॉर्डिनेटर पाराशर ने बेचे पेपर

एसओजी की जांच में भी सामने आ गया है कि शिक्षा संकुल के स्ट्रॉन्ग रूम से ही पेपर लीक हुआ। डॉ किरोड़ीलाल ने कहा बोर्ड अध्य़क्ष जारोली को तो अजमेर के बोर्ड कार्यालय में रहना चाहिए था। लेकिन भजनलाल के मार्फत एक महिला द्रोपदी, नीमराणा के कमल यादव समेत कई बिचौलियों के जरिए मोटा पैसा लेकर आशीष यादव और सुमित यादव सहित 24 लोगों को पेपर बेच दिए गए। किरोड़ीलाल ने पेपर के जरिए पास होने वाली एक महिला कैंडिडेट का नाम उजाकर करते हुए कहा कि उसके परीक्षा में 135 नम्बर आए। उन्होंने कहा वह सिलारपुर नीमराणा की रहने वाली है। खण्डार के विजय राज सिंह चौधरी की पत्नी ने पेपर पाकर जोधपुर के एक सेंटर पर परीक्षा दी। हजारों लोगों में पेपर बंटा और यह मास लीकेज हुआ। पेपर बेचकर लीक लिया गया है। इसमें बड़े ब्यूरोक्रेट्स और मंत्री की भी मिलीभगत है इसलिए जांच सीबीआई से होनी चाहिए। वरना एसओजी जांच उन तक नहीं पहंचेगी। सभी आरोपी जेल के सींखचों के पीछे जाने चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि रीट की परीक्षा दोबारा करवाई जाए। डॉ किरोड़ीलाल ने कहा अब कुछ नए सुबूत आए हैं। हाईकोर्ट को फिर से संतुष्ट करने की कोशिश वकीलों के जरिए करेंगे।

एसओजी  जांच अधिकारी, हैड कांस्टेबल पर आरोपियों को बचाने के आरोप

सांसद किरोड़ीलाल ने गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच अधिकारी एसओजी के सीआई मोहन पोसवाल और हैड कांस्टेबल नाथू ने मामले में कई आरोपियों को बचाने का काम किया है। उन्होंने कहा बोर्ड अध्यक्ष और प्रदीप पाराशर के अलावा सीएमओ का बड़ा अधिकारी, एक बड़ा ब्यूरोक्रेट और एक कैबिनेट मंत्री का इस मामले में हाथ निकलेगा। ये मैं बहुत भरोसे के साथ कहना चाहता हूँ। डॉ किरोड़ीलाल ने कहा इससे पहले मैंने कहा था कि रीट पेपर शिक्षा संकुल से लीक हुआ है, वो बात सही निकली। ब्लैक लिस्टेड इंस्टीट्यूट का परीक्षा में शामिल होना सही निकला। रामकृपाल मीणा नाम के व्यक्ति की मिलीभगत बताई, वह सही निकली। डॉ किरोड़ीलाल ने कहा राजस्थान के हर जिले में एडीएम लेवल का अधिकारी रीट परीक्षा में डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर बना। केवल जयपुर में प्राइवेट आदमी प्रदीप पराशर को डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर बनाया। जो बोर्ड अध्यक्ष जारोली का खास दोस्त है और दोनों साथ-साथ लैक्चरार रहे हैं। राजस्थान के लाखों बेरोजगारों का भविष्य इन्होंने बर्बाद किया है।

डॉ. किरोड़ीलाल ने एसओजी सीआई पोसवाल पर पैसा लेकर आरोपियों को बचाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा रामकृपाल मीणा पकड़ा गया है,उन 4 लोगों को भी पकड़ा जाए जिनके जरिए पेपर आगे लीक हुआ। उनमें 2 लोग एलबीएस और 2 कर्मचारी रामकृपाल मीणा के कॉलेज के हैं। इन चार लोगों ने आगे 20 और लोगों को पेपर बेचा। फिर यह 4 से 5 हजार लोगों में बंट गया। लेकिन उन 20 लोगों को बचा लिया गया। उन्होंने कहा मैं सरकार और एसओजी को बताना चाहता हूँ कि उनकी थाली में ही छेद हो रहा है। बाड़ ही खेत को खा रही है। इनके अलावा भी एसओजी के दो और बड़े कर्मचारी हैं जिनके नामों का खुलासा बाद में किया जाएगा। वो कई निर्दोषों को फंसा रहे हैं। कई दोषियों को बचा रहे हैं। इस बारे में अलग से एसओजी के एडीजी से मिलकर सुबूत भी पेश किए जाएंगे। जिसने आंखों से इन चीजों को देखा है। जिस व्यक्ति के जरिए लेनदेन हुई है। जिस व्यक्ति को बचाया गया है उसे भी एसओजी एडीजी और मौका मिला तो मुख्यमंत्री से भी मिलवाऊंगा। उन्होंने कहा एसओजी पर अब भरोसा नहीं रहा है। रिश्वत लेकर आरोपियों को एसओजी के अधिकारी छोड़ रहे हैं। अभी तक बोर्ड अध्यक्ष जारोली और प्रदीप पाराशर से पूछताछ नहीं की गई। गोपनीय शाखा का अधिकारी जीके माथुर जिसे रिटायरमेंट के बाद दोबारा लगा लिया। अगर उससे भी तार जोड़ते, तो पूरी कहानी सामने आ जाती। किरोड़ीलाल ने राजस्थान यूनिवर्सिटी के बाहर धरना देने वाले बेरोजगारों पर पुलिस के बल प्रयोग का भी विरोध किया। उन्होंने कहा दबाने से यह मामला दबेगा नहीं। यह 26 लाख बेरोजगारों के भविष्य से जुड़ा मामला है। भाजपा  के वरिष्ठ नेताओं से बात हुई है। इस मामले पर भाजपा आंदोलन करेगी।


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