अब और तेज होगा आंदोलन

अब और तेज होगा आंदोलन
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नई दिल्ली (एजेंसी)। नए कृषि कानूनों को लेकर 28वें दिन भी किसानों का प्रदर्शन जारी है। किसान नेताओं ने सिंघु बॉर्डर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो टूक कहा कि उनका आंदोलन और तेज होगा। किसानों ने कहा कि वे बातचीत को तैयार हैं लेकिन सरकार खुले मन से बात करे, ‘तथाकथित किसानोंÓ से बात कर फूट न डाले। यहां किसान नेताओं की ओर से यह भी कहा गया कि अन्य राज्यों में प्रदर्शन तो चल रहे हैं लेकिन इतनी मजबूत ढंग से नहीं, वहां भी आंदोलन को तेज करने को कहा जाएगा। इसके साथ ही किसान नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार के पास इंटेलिजेंस है, उसे तो हर चीज की सूचना है। हमारा आंदोलन और तेज होगा। महाराष्ट्र से किसान चल चुके हैं। राजस्थान और गुजरात से किसान आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए पहुंच चुके हैं। स्वराज इंडिया के नैशनल प्रेजिडेंट योगेंद्र यादव ने सिंघु बॉर्डर पर आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार की चि_ी का जवाब देते हुए कहा, आप प्रदर्शनकारी किसानों से ऐसे निपट रहे हैं जैसे कि ये भारत के संकटग्रस्त नागरिकों का समूह ना होकर सरकार के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। सरकार का यह रवैया किसानों को प्रदर्शन तेज करने के लिए मजबूर कर रहा है।

‘…ताकि अब कोई नतीजा निकल सके’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्का ने कहा कि हम सरकार से आग्रह करते हैं कि ऐसा माहौल तैयार किया जाए ताकि बातचीत में कोई नतीजा निकल सके। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया है कि कृषि कानूनों का कार्यान्वयन निलंबित किया जाए। इससे बातचीत को बेहतर माहौल मिलेगा। इस बीच स्वराज इंडिया के नैशनल प्रेजिडेंट योगेंद्र यादव ने कहा, सरकार लगातार तथाकथित किसान नेताओं और संगठनों के साथ बातचीत कर रही है, जो हमारे आंदोलन से बिल्कुल भी जुड़े नहीं हैं। यह हमारे आंदोलन को तोडऩे का एक प्रयास है।

‘सरकार…मैं चेतावनी दे रहा हूं’

भारतीय किसान यूनियन के युद्धवीर सिंह ने कहा, जिस तरह से केंद्र इस वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है, यह स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे पर देरी करना चाहती है और किसानों के विरोध का मनोबल तोडऩा चाहती है। सरकार हमारे मुद्दों को हल्के में ले रही है, मैं उन्हें चेतावनी दे रहा हूं कि जल्द से जल्द मामले पर संज्ञान लिया जाए।

 


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