उदयपुर, अजमेर, कोटा संभाग के कई इलाकों में एक इंच से ज्यादा बारिश; कोहरे और सर्द हवाओं से छूटी कंपकंपी, मावली-वल्लभनगर में 2 व चित्तौड़-उदयपुर में 1 इंच तक पानी गिरा

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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  राजस्थान में पिछले दो दिन से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक को सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। बादल, कोहरे और ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। गंगानगर, हनुमानगढ़ एरिया को छोड़ दे तो प्रदेश के शेष इलाकों में आज सुबह से आसमान में घने बादल छाए हैं। जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई जिलों में बीती रात से रूक-रूक कर बारिश हो रही है। चित्तौडग़ढ़, बूंदी, कोटा, उदयपुर के कुछ एरिया में पिछले 24 घंटे के दौरान 1 इंच से भी ज्यादा बरसात दर्ज की गई। बारिश के साथ चली हवाओं से एक बार फिर कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। रात के साथ-साथ अब दिन भी ठंड हो गए।

मौसम केन्द्र जयपुर और जलसंसाधन विभाग से मिले डेटा के मुताबिक कोटा, अजमेर, बारां, सवाई माधोपुर, बूंदी, चित्तौडग़ढ़, जालौर, सिरोही, डूंगरपुर, पाली समेत कई जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा उदयपुर के मावली में पिछले 24 घंटे के दौरान 50मिमी वही वल्लभनगर में 45 मिमी बारिश  दर्ज हुई।

वहीं, चित्तौडग़ढ़ में 28मिमी, बूंदी में 24.5, कोटा के सांगोद में 26, बारां के शाहबाद में 26, उदयपुर के गोगुंदा 38, भीण्डर में 27, भीलवाड़ा के जहाजपुर में 11, बनेड़ा में 10, कोटा के लाडपुरा में 19, सांगोद में 26, डीगोद में 22, रामगंजमंडी में 18, कानावास में 17, राजसमंद में 19, नाथद्वारा में 16, रेलमगरा में 18, कुंभलगढ़ में 13मिमी बारिश दर्ज की गई। इन जिलों के अलावा सवाई माधोपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर, पाली, जालौर, सिरोही और जयपुर जिले में भी बारिश हुई। जयपुर में सुबह ग्रामीण अंचल में मामूली बूंदाबांदी हुई।

सफेद हुए धोरे : जैसलमेर में बारिश के साथ गिरे ओले

जैसलमेर में मंगलवार को बिगड़े मौसम ने रेगिस्तान में बर्फीस्तान बना दिया। इतने ओले गिरे कि धोरों में बर्फ की चादर जम गई। पोकरण के गांव छाया, टोटा, अजासर और बरड़ाना में खेतों व मैदानी इलाकों में चारों तरफ ओले की सफेद चादर देखने को मिली। इससे पहले जैसलमेर, जोधपुर में सुबह से बादल छाए हुए थे और हल्की बूंदाबांदी हुई। 3 दिन राजस्थान के उत्तरी हिस्से में घना कोहरा छाने की संभावना जताई है। जिले में मंगलवार को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी जीरा, ईसबगोल, रायड़ा, गेंहू व चने की फसल को नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि मावठ फसलों के लिए फायदेमंद है, लेकिन ओलावृष्टि ने सारी मेहनत को नष्ट कर दिया। खेतों में खड़ी फसल फसलों को ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है।


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