राजस्थान में 4 दिन पहले आएगा मानसून – प्रदेश में 25 से 30 जून के बीच कर सकता है प्रवेश

बदला मौसम : राजस्थान के कई जिलों में बारिश
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिमी मानसून समय से पहले आ सकता है। इस बार मानसून के 25 से 30 जून के बीच यानी 4 दिन पहले आने की संभावना जताई जा रही है। जबकि राज्य में मानसून 30 जून या उसके बाद ही प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञ और जयपुर मौसम विभाग के कार्यवाहक निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि गुरूवार को केरल में मानसून प्रवेश कर चुका है। दक्षिण अरब सागर में जो स्थितियां अभी बनी हुई हैं, अगर यही आगे भी बनी रही तो मानसून राजस्थान में इस बार समय से 4 दिन पहले पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस बार प्रदेश में सामान्य से 6 फीसदी ज्यादा बारिश होने का भी अनुमान जताया है। बता दें कि राजस्थान में मानसून का प्रवेश डूंगरपुर-बांसवाड़ा के एरिया से होता है। गुजरात में मानसून के आने के 8-10 दिन बाद यह राजस्थान की सीमा में प्रवेश करता है। इससे पहले पिछले साल 2020 में राज्य में 24 जून को मानसून ने राज्य में प्रवेश किया था और तब पूरे मानसून में सामान्य से 8 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी।

बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और सिरोही में होती है सबसे ज्यादा बारिश

राजस्थान में जिलेवार स्थिति देखें तो मानसून में सबसे ज्यादा बारिश दक्षिण राजस्थान के बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और सिरोही जिलों में होती है। पिछले साल 2020 में इन जिलों में 1023 मिमी से ज्यादा पानी बरसा था। पूरे राजस्थान की स्थिति देखें तो यहां औसतन 415 मिमी बारिश होती है, लेकिन 2020 में 449 मिमी औसत बारिश दर्ज हुई थी।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरूवार को घोषणा की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने  देश के दक्षिणी हिस्से केरल में दस्तक दे दी है।

आईएमडी ने ट््वीट किया, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज गुरूवार को केरल के दक्षिणी भागों में दस्तक दे दी है।

विभाग ने बताया कि सामान्य तौर पर केरल में एक जून को मानसून दस्तक दे देता है। आईएमडी के अनुमान के मुताबिक इस साल सामान्य मानसून है, जिसमें दीर्घावधि में औसतन 101 प्रतिशत बारिश होगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, आईएमडी ने गुरूवार को एक विज्ञप्ति में कि अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून का दक्षिण अरब सागर के शेष हिस्सों, मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, केरल और लक्षद्वीप के शेष हिस्सों, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी के कुछ और हिस्सों, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों, रायलसीमा और दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्से की और बढऩे का अनुमान है।

केरल में मानसून की शुरूआत की घोषणा के बाद बारिश के 14 निगरानी स्टेशनों में से 60 फीसदी स्टेशनों से अधिक ने पिछले दो दिनों में लगातार 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश होने के बारे में सूचित किया है। इसके साथ ही पिछले दो दिनों के दौरान केरल में कुछ स्थानों पर बारिश हुई है। इसके अलावा  निचले स्तर पर पश्चिमी हवाएं 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है और उपग्रह ने जो आंकडे दिए हैं उनकी सूचना के आधार पर आज समुद्र तटों पर 15-20 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।


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