राजस्थान में मानसून की एंट्री 20 के बाद

उदयपुर के मानसून का कोटा अगस्त में ही पूरा हुआ, पूरे सीजन में 591 मिमी बरसात होनी थी, अब तक 667 मिमी हुई
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में मानसून की एंट्री केरल से 29 मई को हो चुकी है यानी पूर्वानुमान से 3 दिन पहले। एंट्री लेने के 15 दिन बाद यह गुजरात, महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, तेलंगाना और कर्नाटक की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 14 जून की दोपहर तक महाराष्ट्र के पश्चिमी आधे हिस्से, गुजरात के दक्षिणी और तेलंगाना के पश्चिमी हिस्सों को कवर कर चुका है। अगले 2-3 दिनों में आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ और हिस्सों में पहुंचने की उम्मीद है।

15 जून तक देश में बारिश की स्थिति

दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा दक्षिण गुजरात में एंट्री ले चुकी है। मानसूनी हवाओं से देश में बने 36 मीटिरियोलॉजिकल सबडिवीजन में से महज दो में जोरदार बारिश हुई है। वहीं तीन में मानसून की सामान्य बारिश हुई है। 18 सब डिवीजन में कम और 13 में न के बराबर बारिश हुई है। कुल मिलाकर 14 जून की सुबह तक देश में 36′ कम मानसूनी बारिश हुई है। हालांकि यह प्री-मानसून दौर जारी है।

देश के प्रमुख राज्यों में मौसम और मानसून का हाल

राजस्थान : मानसून की एंट्री 20 जून के बाद

मंगलवार को लगातार तीसरे दिन प्री-मानसून जमकर बरसा। मौसम विभाग के अनुसार अब 3-4 दिन पूर्वी राजस्थान में कुछ जगह बारिश के आसार हैं। बीकानेर संभाग में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17 से 19 जून तक हल्की बारिश की संभावना है। इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 जून के बाद ही होने के आसार हैं।

मध्यप्रदेश : पाकिस्तानी हवाओं ने रोका रास्ता, महाराष्ट्र की बॉर्डर पर अटका

पाकिस्तान से लगातार आ रही हवाओं के कारण मानसून मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर अटक गया है। अरब सागर से आगे बढऩे के बावजूद यह महाराष्ट्र से सटे बड़वानी के पहले आकर रूक गया है। ऐसे में अब यह बड़वानी और इंदौर की जगह जबलपुर के रास्ते पहले प्रदेश में एंट्री कर सकता है। मंगलवार शाम से जबलपुर में हल्की बारिश भी शुरू हो गई।


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