पंजाब चुनाव से पहले अब मोदी का दूसरा मास्टरस्ट्रोक, 26 दिसंबर वीर बाल दिवस घोषित, प्र.म. ने कहा कि यही गुरू गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी

Modi's second masterstroke before Punjab elections
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चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब में विधानसभा चुनाव तारीख की घोषणा के अगले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। सिखों के 10वें गुरू गोबिंद सिंह जी की जयंती के प्रकाश पर्व के मौके पर 26 दिसंबर की तारीख को वीर बाल दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। प्र.म. मोदी ने कहा कि यही गुरू गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्र.म. मोदी के इस फैसले को दूसरा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

इससे पहले प्र.म. मोदी ने पहला मास्टर स्ट्रोक 19 नवंबर को खेला था। तब गुरूनानक जयंती के मौके पर प्र.म. मोदी ने देश के किसानों से माफी मांगते हुए कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया था। इस बार मोदी ने वीर बाल दिवस का ऐलान कर प्रकाश पर्व के मौके पर सिख भावनाओं को भी जोड़ा है। माना जा रहा है कि इस दांव से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा और अमरिंदर सिंह के गठबंधन को फायदा पहुंच सकता है।

प्र.म. मोदी ने प्रकाश पर्व के अवसर पर ऐलान किया कि यह साहिबजादों के साहस और न्याय स्थापना की उनकी कोशिश को उचित श्रद्धांजलि है। गुरू गोबिंद सिंह के चारों पुत्रों की मुगलों ने हत्या कर दी थी। मोदी ने ट्वीट किया, वीर बाल दिवस उसी दिन मनाया जाएगा, जब साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी ने दीवार में जिंदा चुनवा दिए जाने के बाद शहीदी प्राप्त की थी। इन दो महान हस्तियों ने धर्म के महान सिद्धांतों से विचलित होने के बजाय मौत को चुना। प्र.म. ने कहा, माता गुजरी, श्री गुरू गोबिंद सिंह जी और चार साहिबजादों की बहादुरी और आदर्शों ने लाखों लोगों को ताकत दी। उन्होंने कभी अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया। उन्होंने समावेशी और सौहार्दपूर्ण विश्व की कल्पना की। यह समय की मांग है कि और लोगों को उनके बारे में पता चले।

किसान आंदोलन के चलते बैकफुट पर भाजपा

दरअसल तीन कृषि कानूनों के चलते भाजपा को राज्य में काफी विरोध झेलना पड़ा है। एक साल तक किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर डटकर आंदोलन किया। इस दौरान कई किसानों की मौत भी हुई (शेष पेज 8 पर) लेकिन प्र.म. मोदी के इस पर कुछ न बोलने से किसान संगठनों का गुस्सा और बढ़ा। वहीं पिछले साल नवंबर में जब तीनों कृषि कानून वापस लिए गए, तो इसे चुनावों से पहले भाजपा के पक्ष में बड़ा मास्टरस्ट्रोक बताया गया।

हालांकि पंजाब के कुछ हिस्से में अभी भी किसान संगठन एमएसपी कानून और मृतक किसान के परिवारों को मुआवजे के लिए मांग कर रहे थे। बीते दिनों प्र.म. मोदी के दौरे के वक्त भी पंजाब में जगह-जगह किसानों का प्रदर्शन हो रहा था।

भाजपा- अमरिंदर के गठबंधन को हो सकता है फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अब किसानों की नाराजगी दूर करने के साथ-साथ सिख भावनाओं को जोडऩे के लिए कई ऐलान कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अमरिंदर ने भाजपा के साथ गठबंधन की शर्त भी यही रखी थी कि कृषि कानून वापस लिए जाएं। अब वीर बाल दिवस के ऐलान से पंजाब के सिख समाज को भी जोड़ा जा रहा है जो अमरिंदर की पार्टी के साथ चुनाव लड़ रही भाजपा के फेवर में जा सकता है।

सुरक्षा चूक मामले में घिरी है कांग्रेस

दूसरी ओर, पंजाब में प्र.म. मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर सियासत गर्मायी हुई है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर घिरी हुई है। भाजपा इसे प्र.म. मोदी की जान को खतरा बताते हुए भुना रही है जबकि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि प्र.म. मोदी के सड़क मार्ग से आने की बात ऐन मौके पर बताई गई। मामले में केंद्र की ओर से तीन सदस्यीय कमिटी भी गठित की गई। साथ ही पंजाब डीजीपी से लेकर फिरोजपुर एसएसपी तक को हटाया गया।


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