बर्लिन में मोदी का प्रवासियों को संबोधन : कांग्रेस पर साधा निशाना, पूछा- वो कौन सा पंजा था जो एक रूपए में 85 पैसे घिस लेता था..

जलवायु परिवर्तन पर प्र.म. मोदी का पंचामृत प्लान, कहा-2070 तक भारत उत्सर्जन में 'नेट जीरो' का लक्ष्य करेगा हासिल
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बर्लिन (एजेंसी)।  जर्मनी दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बर्लिन के पॉट्सडैमर प्लाज थिएटर में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों के बीच ड्रम भी बजाया। यह कार्यक्रम भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित किया गया था।

प्र.म. ने करीब एक घंटे की अपनी स्पीच में अपनी सरकार के कामकाज गिनाए। प्र.म. ने कांग्रेस पर इशारों-इशारों में खूब चुटकी ली। प्र.म. मोदी ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में लोगों के खाते में सीधे लाभ पहुंचा है। बिना किसी बिचौलिए के। कोई कट मनी नहीं।

अब किसी प्रधानमंत्री को नहीं कहना पड़ेगा कि एक रुपया भेजता हूं तो 15 पैसे पहुंचता है। प्र.म. ने नाम लिए बगैर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वो कौन सा पंजा था जो 85 पैसे घिस लेता था। बता दें कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने एक बार भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार लोगों के विकास के लिए 1 रुपए भेजती है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण आम लोगों तक 15 पैसे ही पहुंच पाता है। 85 पैसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है जो बिचौलिए खा जाते हैं।

आज वर्क इन प्रोग्रेस का बोर्ड नहीं, काम बोलता है

प्र.म. मोदी ने कहा कि देश आज हर क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां जाइए, वर्क इन प्रोग्रेस का बोर्ड लगा होता था। अब देश भी वही है, फाइल भी वही है, सरकारी मशीनरी भी वही है लेकिन देश बदल गया है। अब भारत छोटा नहीं सोचता। भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी सबसे तेज है। अब 5जी आने वाली है। उन्होंने कहा कि भारत आज छोटा नहीं सोचता। रियल टाइम पेमेंट में सबसे अधिक भागीदारी भारत की है।

भारत आकांक्षी और युवा, तेज विकास चाहता है

प्र.म. ने देश के विकास के रोडमैप को भी शेयर किया। उन्होंने कहा- आज का आकांक्षी भारत, आज का युवा भारत, देश का तेज विकास चाहता है। वो जानता है कि इसके लिए राजनीतिक स्थिरता और प्रबल इच्छाशक्ति कितनी आवश्यक है। इसलिए भारत के लोगों ने तीन दशकों से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता के वातावरण को एक बटन दबाकर खत्म कर दिया।

भारत संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है

मोदी ने कहा- आज का भारत मन बना चुका है, संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। और आप भी जानते हैं कि जब किसी देश का मन बन जाता है तो वो देश नए रास्तों पर भी चलता है और मनचाही मंजिलों को प्राप्त करके भी दिखाता है।

देश ने बहुमत वाली सरकार चुनी

प्र.म. ने कहा- सकारात्मक बदलाव और तेज विकास की आकांक्षा ही थी कि जिसके चलते 2014 में भारत की जनता ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनी। ये भारत की महान जनता की दूरदृष्टि है कि साल 2019 में उसने, देश की सरकार को पहले से भी ज्यादा मजबूत बना दिया।

यह 21वीं सदी का भारत है

मोदी ने कहा- 21वीं सदी का ये समय, भारत के लिए, हम भारतीयों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज का भारत मन बना चुका है, संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। और आप भी जानते हैं कि जब किसी देश का मन बन जाता है तो वो देश नए रास्तों पर भी चलता है और मनचाही मंजिलों को प्राप्त करके भी दिखाता है।

देश के करोड़ों लोग ड्राइविंग फोर्स

प्र.म. ने कहा- देश आगे बढ़ता है जब देश के लोग उसके विकास का नेतृत्व करें, देश आगे बढ़ता है, जब देश के लोग उसकी दिशा तय करें। अब आज के भारत में सरकार नहीं बल्कि देश के करोड़ों लोग ही ड्राइविंग

फोर्स है।

सरकार के काम गिनाए

प्र.म. ने अपनी सरकार की कार्य प्रणाली का खूब बखान किया। उन्होंने कहा- आज भारतज् ईज ऑफ लिविंग- क्वालिटी ऑफ लाइफ, ईज ऑफ इम्प्लॉयमेट-क्वालिटी ऑफ एजुकेशन, ईज ऑफ मॉबिलिटी- क्वालिटी ऑफ ट्रैवल, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस-क्वालिटी ऑफ सर्विस और क्वालिटी ऑफ प्रोडक्ट। हर क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है, नए आयाम स्थापित कर रहा है।

प्र.म. गतिशक्ति योजना का भी जिक्र

मोदी ने कहा कि अब सरकारें, सभी विभाग, अपने-अपने हिस्से का काम एडवांस में प्लान कर रहे हैं। आज भारत में गवर्नेंस में टेक्नॉलॉजी का जिस तरह इनक्लूजन किया जा रहा है, वो नए भारत की नई पॉलिटिकल विल भी दिखाता है और डेमोक्रेसी की डीलिवरी क्षमता का भी प्रमाण है।

नया भारत अब सिर्फ सिक्योर फ्यूचर की नहीं सोचता, बल्कि रिस्क लेता है, इनोवेट करता है, इन्क्युबेट करता है। मुझे याद है, 2014 के आसपास, हमारे देश में 200-400 ही स्टार्ट अप्स हुआ करते थे। आज 68 हजार से भी ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, दर्जनों यूनिकॉर्न्स हैं।

गुजरात का सीएम रहते किस्सा सुनाया

मुझे याद है मैं गुजरात में प्र.म. की नौकरी करता था तो बाबुओं से पूछता कि बच्चे क्या करते हैं तो कहते थे आईएएस की तैयारी कर रहे हैं। आज भारत सरकार के बाबुओं के पूछता हूं कि बच्चा क्या करता है तो कहते हैं कि स्टार्ट अप में लग गया है। आज नए ड्रोन बनाना हो नया काम करना हो तो भारत में नर्चर वातावरण है। यह बहुत बढ़ा परिवर्तन है।

लोकल को ग्लोबल बनाने में आप मेरा साथ दें

दायरा देखिए, मैं जिस ताकत से स्टार्ट अप की बात करता हूं उसी ताकत से खादी की भी बात करता हूं। भारत के लोकल को ग्लोबल बनाने में आप मेरा साथ दीजिए। आप यहां लोगों को अपने देश की खूबसूरती औरत भारत के लोकल की ताकत बता सकते हैं। जिसके पास ये ताकत है वह हिंदुस्तान के लोकल को जर्मनी की धरती पर ग्लोबल बना सकता है। मैं आप पर भरोसा करता हूं आप ये जरूर करोगे।

योग हमारी ताकत

हमारे योग, हमारी ट्रेडिशनल मेडिसिन हमारी ताकत हैं। भारत के ऋषि मुनियों के योग की इतनी ताकत है कि आप नाक पकडऩा सिखाकर भी डॉलर कमा सकते हैं। 21 जून को इंटरनेशनल योग डे है अभी से टोलियां बनाकर हर किसी को योग सिखा दो।

एलईडी के उपयोग से बचाई बिजली

भारत का हर घर अब एलईडी का उपयोग कर रहा है। 37 करोड़ बल्ब ऊर्जा योजना मेें बांटे है। इससे 48 अरब किलो वाट अवर बिजली बची है। चार करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। ऐसे ही प्रयासों से भारत ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में नया आयाम जोड़ रहा है। जर्मनी भी इसमें साथ आाया है।

गांव का तालाब बनाने में सहयोग दें

देश में 500 दिनों में 50 हजार तालाब बनेंगे या पुराने तालाबों को ठीक किया जाएगा। आप इस अभियान से जुड़ सकते हैं। आप जिस गांव से आए हैं वहां अमृत सरोवर बनाने में सहयोग करें। आपको भी आनंद मिलेगा। हम तो वसुधैव कुटुंबकम वाले लोग हैं। आपके सारे सपने पूरे हों ये मेरी आपके लिए शुभकामनाएं हैं।


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