मोदी ने जिनपिंग को किया पूरी तरह ‘इग्नोर’

मोदी ने जिनपिंग को किया पूरी तरह 'इग्नोर'
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नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की तरफ से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन 2020 में हिस्सा लिया। भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव का साफ असर इस बैठक में दिखा जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शरीक हुए थे। इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी सम्मेलन में मौजूद थे। प्र.म. मोदी ने न तो अपने संबोधन की शुरूआत में जिनपिंग या इमरान का नाम लिया, न ही भाषण खत्म करते वक्त सबका शुक्रिया अदा करते हुए चीन, पाकिस्तान का जिक्र किया। पूरी मीटिंग में मोदी ने जिनपिंग को ‘इग्नोर’ किया। प्र.म. मोदी के भाषण के दौरान जिनपिंग और इमरान पूरे समय इधर-उधर देखते रहे। चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना मोदी ने कहा, कुछ देश एससीओ में द्विपक्षीय मुद्दे उठाने की कोशिश करते है। यह एससीओ चार्टर के खिलाफ है।

चीन-पाकिस्तान पर यूं किया वार : प्र.म. मोदी ने कहा, हमने हमेशा आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग के विरोध में आवाज उठाई है। भारत एससीओ चार्टर में निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार एससीओ के तहत काम करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहा है। परन्तु, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ एजेंडा में बार-बार अनावश्यक रूप से द्विपक्षीय मुद्दों को लाने के प्रयास हो रहे हैं, जो एससीओ चार्टर और शंघाई स्पिरिट का उल्लंघन करते हैं। इस तरह के प्रयास एससीओ को परिभाषित करने वाली सर्वसम्मति और सहयोग की भावना के विपरीत हैं।

‘यूएन अभी तक हासिल नहीं कर पाया अपना लक्ष्य’ : मोदी ने अपने संबोधन की शुरूआत में संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्यों पर बात की। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र ने अपने 75 साल पूरे किए हैं। लेकिन अनेक सफलताओं के बाद भी संयुक्त राष्ट्र का मूल लक्ष्य अभी अधूरा है। महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहे विश्व की अपेक्षा है कि यूएन की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आए। एक ‘सुधरा बहुलतावाद’ जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाए, जो सभी स्टेकहोल्डर्स की अपेक्षाओं, समकालीन चुनौतियों, और मानव कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा करे। शंघाई सहयोग संगठन के इस सम्मेलन का आयोजन इस बार रूस कर रहा है। भारत और रूस के अलावा इस ग्रुप में चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, पाकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।


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