तालिबान पर विपक्ष को साथ लेकर चलेगी मोदी सरकार

कानून नहीं बंदूक से चलेगा अफगानिस्तान- संसद में घुसे तालिबानी- हथियार लेकर स्पीकर की कुर्सी पर बैठे
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काबुल हवाईअड्डे पर अफगान अधिकारी की हत्या- जर्मनी के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सोमवार तड़के काबुल एयरपोर्ट के एक गेट पर फायरिंग हुई। अफगानिस्तान के कम से कम एक सुरक्षा अधिकारी की मौत हो गई। तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान सरकार के सुरक्षा बल भाग निकले हैं लेकिन कुछ हथियारबंद अफगान काबुल हवाईअड्डे पर मौजूद हैं और वहां से लोगों को निकालने के लिए जद्दोजहद कर रहे पश्चिमी देशों एवं अन्य की मदद कर रहे हैं। अमेरिकी सेना और नाटो ने गोलीबारी की घटना के बारे में अभी कुछ नहीं कहा है।

नई दिल्ली (एजेंसी)। अफगानिस्तान के घटनाक्रम को लेकर भारत सरकार सभी दलों को अपडेट करेगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को यह जानकारी दी।

जयशंकर ने मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय से राजनीतिक दलों के फ्लोर नेताओं को ब्रीफ करने को कहा है। इस बीच, अलग-अलग विमानों के जरिए सोमवार को 146 भारतीय दिल्ली पहुंचे हैं।

यूएन हाई कमिश्नर के दफ्तर पर अफगानों का प्रदर्शन

सैकड़ों की संख्या में अफगान शरणार्थी दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सभी अफगानों के लिए रिफ्यूजी स्टेटस/कार्ड, किसी तीसरे देश में बसाया जाना और यूएनएचसीआर और भारत सरकार से सुरक्षा चाहते हैं। भारत में अफगान समुदाय के सदस्य, अहमद जिया गनी ने कहा कि भारत में 21,000 से ज्यादा अफगान रिफ्यूजी हैं। अफगानिस्तान लौटने की फिलहाल कोई वजह नहीं है। भारत ने अफगानिस्तान में हुकूमत बदलने पर अभी तक साफ तौर पर कुछ नहीं कहा है। वह पहले वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालना चाहता है। तालिबान ने तो कहा है कि वह अमेरिका समेत सभी देशों के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंध बनाना चाहता है।

वॉशिंगटन/काबुल (एजेंसी)। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने अब सीधे-सीधे अमेरिका को धमकी दे दी है। तालिबान ने कहा है कि अगर जो बाइडन सरकार ने अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को 31 अगस्त तक वापस नहीं बुलाया, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन अपने सैनिकों के 31 अगस्त तक अफगानिस्तान छोडऩे की बात कह चुके हैं। बाइडन का अपनी बात से मुकरने का कोई मतलब नहीं है। तालिबान ने साफ कहा कि 31 अगस्त से एक दिन भी आगे मियाद नहीं बढ़ सकती है। अगर 31 अगस्त से एक दिन आगे की भी मोहलत अमेरिका और ब्रिटेन मांगते हैं, तो उसका जवाब होगा नहीं। साथ में गंभीर परिणाम भी भुगतने होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पहले 11 सितंबर 2021 तक अमेरिकी सैनिकों की वापसी की डेडलाइन रखी थी। फिर इसे बदलकर 31 अगस्त कर दिया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अब अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है। अफगानिस्तान से ज्यादातर अमेरिकी सैनिक वापस भी लौट चुके हैं।


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