मोदी सरकार को झटका : कृषि बिल पर एनडीए में फूट

किसी भी कीमत पर नहीं झुकने देंगे देश का मस्तक
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नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद में प्रस्तावित कृषि विधेयकों पर मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। कृषि बिल पर एनडीए में फूट पड़ गई है। कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने सरकार से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले लोकसभा में अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने बिल के विरोध में चेतावनी देते हुए ऐलान किया था कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि संबंधी विधेयकों के विरोध में सरकार से इस्तीफा देंगी। बता दें कि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र प्रतिनिधि थीं।

हरसिमरत कौर ने इस्तीफे की जानकारी ट्वीट के जरिए दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व। बता दें कि अकाली दल, भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी है। चर्चा के दौरान कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू ने शिरोमणि अकाली दल पर चुटकी लेते हुए यह सबूत देने की मांग की कि हरसिमरत कौर बादल ने इन विधेयकों का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि अगर वह विधेयक के विरोध में इस्तीफा नहीं देती हैं तो बादल परिवार के लिये पंजाब में वापसी कठिन हो जायेगी। लोकसभा में बोलते हुए आज सुखबीर सिंह बादल ने साफ कहा कि इन तीन बिलों से पंजाब के 20 लाख हमारे किसान प्रभावित होने जा रहे हैं। 30 हजार आढ़तिए, 3 लाख मंडी मजदूर, 20 लाख खेत मजदूर इससे प्रभावित होने जा रहे हैं।

बादल बोले हमने कभी यू टर्न नहीं लिया

सुखबीर बादल ने कहा, शिरोमणि अकाली दल किसानों की पार्टी है और वह कृषि संबंधी इन विधेयकों का विरोध करती है। निचले सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, शिरोमणि अकाली दल ने कभी भी यू-टर्न नहीं लिया। बादल ने कहा, हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथी हैं। हमने सरकार को किसानों की भावना बताई, हमने इस विषय को हर मंच पर उठाया। हमने प्रयास किया कि किसानों की आशंकाएं दूर हों लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

विरोध में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल

लोकसभा में कांग्रेस के अलावा दूसरे विपक्षी दलों ने बिल का विरोध किया है। कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने कृषि उपज एवं कीमत आश्वासन संबंधी विधेयकों को ‘किसान विरोधीÓ करार देते हुए गुरूवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि इन विधेयकों से जमाखोरी, कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा तथा उद्योगपतियों एवं बिचौलियों को फायदा होगा जबकि किसान बर्बाद हो जाएंगे। वहीं, भाजपा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी भारत बनाने के लिए यह कानून बन रहा है जो ऐतिहासिक साबित होगा। ये विधेयक कृषि क्षेत्र में सुधार के लिये महत्वपूर्ण कदम हैं जो किसानों को मजबूत और समृद्ध बनाएंगे।


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