विधायक आवास परियोजना- सभी की इच्छा शक्ति से मिला विधायक आवास योजना को मूर्त रूप : मुख्यमंत्री

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जयपुर (प्रासं)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर वी.सी. के माध्यम से विधायक आवास परियोजना, ज्योति नगर, जयपुर सहित एआईएस रेजीडेंसी योजना, प्रताप नगर जयपुर का शिलान्यास किया और 3 मुख्यमंत्री जन आवास योजनाओं एवं स्टूडियो अपार्टमेंट योजना का शुभारम्भ किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने सम्बोधन में कहा कि विधायक आवास परियोजना प्रोजेक्ट के लिए जितनी तारीफ की जाए कम है, क्योंकि जिस रूप में यह प्रोजेक्ट बना है और यह योजना मूर्त ले रही है, यह सभी की इच्छाषक्ति का ही परिणाम है। विधायक नगर पूर्व और पष्चिम में बने विधायक आवास काफी पुराने और जर्जर हो चुके थे। ऐसी स्थिति में हमारी सरकार ने वर्षों से लंबित विधायकों की इस समस्या का समाधान करते हुए विधायक आवास परियोजना को मंजूरी दी है।

धारीवालजी और पवन जी ने मिलकर बनाई प्रोजेक्ट की शानदार डिजाइन

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल और आवासन आयुक्त  पवन अरोड़ा ने मिलकर जो विधायक आवास परियोजना की डिजाइन बनाई है, वह शानदार बनाई है। यह पूरा प्रोजेक्ट बना है, वह बहुत अच्छा बना है और मुझे बहुत पसंद आया है। हाउसिंग बोर्ड ने बड़ा दिल लगाकर इस काम को अपने हाथ में लिया है।

विधायकों की भावनाओं का ध्यान रखना मेरा नैतिक कर्तव्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों की भावनाओं का ध्यान रखना मेरा नैतिक कर्तव्य है। जब विधानसभा अध्यक्ष जी, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्रीजी और नेता प्रतिपक्ष ने विधायक आवास परियोजना और कॉन्स्ट्यूषनल क्लब बनाने के लिए कहा, तो मैं मना नहीं कर पाया और कुछ सैंकडों के अंदर ही फैसला हो गया।

मंडल का पुन: रिवायव होना बड़ी बात

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जिस तरह राजस्थान आवासन मंडल आज पुन: रिवायव हुआ है, यह अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि हम जब विपक्ष में थे, तो रोज सुनते थे कि मंडल को बंद करने की नौबत आ रही है, लेकिन जिस तरह मंडल को रिवायव करने के प्रयास हुए, वह काबिले तारीफ है। अधिशेष मकानों को 50 प्रतिशत तक की छूट पर बेचा गया। इस निर्णय से अल्प आय वर्ग के लोगों को बड़ा फायदा हुआ है। आज मंडल में लगभग 3 हजार करोड़ रूपये का राजस्व इक_ा हो गया। 9 हजार के आसपास मकान बिक गए। यह तमाम काम तभी हो पाते हैं, जबकि आप बोल्ड डिसीजन लो। आज उसी का ही परिणाम है कि आवासन मंडल रिवायव हो गया।

विष्वस्तरीय बनेगा सिटी पार्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर के मानसरोवर में बनने वाला सिटी पार्क विष्वस्तरीय होगा। हमारी सरकार हमेषा लोगों के हित के लिए सोचती रही है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि धारीवालजी सिटी पार्क वाली जगह से पैसा कमाने के चक्कर में थे। लेकिन जब मुझे पता चला कि इसका वाणिज्यिक उपयोग होगा, तो मैंने धारीवालजी को कहा कि एक काम करो कि जयपुर में सेंट्रल पार्क का बड़ा नाम हो गया है, अब मानसरोवर में भी जमीन पर सेंट्रल पार्क जैसा पार्क बनाओ। उन्होंने कहा कि आज मानसरोवर में शानदान पार्क बन रहा है और आने वाली पीढ़ी याद करेगी। कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जो इतिहास में याद किए जाते हैं।

जयपुर में बने शानदार कॉन्स्टीट्यूशन क्लब

उन्होंने बताया कि दिल्ली की तर्ज पर जयपुर में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब बनाया जाएगा। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री को कहा कि वे वहां कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के अध्ययन के लिए एक टीम दिल्ली भेजें और उसके अनुरूप जयपुर में एक शानदार क्लब बनावाएं। इस क्लब में रेस्टोंरेट, मीटिंग रूम, पर्सनल चैम्बर जैसी सभी सुविधाएं हों ताकि यहां वर्तमान विधायक और पूर्व विधायकगण वे आपस में डिस्क्सन कर सकें और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए काम कर सकें। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने अपने सम्बोधन में विधायकों के आवास की परियोजना को मूर्त रूप देने एवं इसके लिए वित्तीय प्रावधान करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह प्रोजेक्ट तैयार किया है इसके लिए नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल जी और आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा जी धन्यवाद के पात्र हैं।

उन्होंने इस प्रोजेक्ट में सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों का धन्यवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने आवासन आयुक्त की प्रशंसा करते हुए कहा कि पवन अरोड़ा जी उत्साही अधिकारी हैं और इनके मन में था कि मैं अपना बेस्ट सरकार के सामने दूं। यह प्रोजेक्ट राजस्थान की जनता के सामने आईडियल उदाहरण है। प्रोजेक्ट की कॉस्ट के अन्तर्गत समय पर काम पूरा होगा।  नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने इस प्रोजेक्ट के बारे बताते हुए कहा कि मैं विधानसभा अध्यक्षजी के कमरे में बैठा था, चर्चा में सामने आया कि विधायकों के आवास काफी पुराने हो चुके हैं साथ ही आवास भी अलग-अलग जगह बने हुए हैं। मैंने अध्यक्ष जी को प्रस्ताव दिया कि क्यों न हम विधायक नगर पष्चिम में बने हुए पुराने आवासों की जगह नए बहुमंजिला आवास बनाएं, जो अत्याधुनिक होने के साथ-साथ पूर्ण सुख-सुविधाओं से सुसज्जित हो और सभी विधायक एक ही कैम्पस में रह सकें। अध्यक्ष जी ने और मैंने जब यह विचार माननीय मुख्यमंत्रीजी के समक्ष रखा, तो उन्होंने बिना कोई देर किए मिनटों में इसको मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्रीजी के निर्देश पर हम ये आवास सुविधाजनक और आरामदायक बना रहे हैं, जहां इनके परिवार आराम से रह सकेंगे। इसके साथ ही उनके क्षेत्र से मिलने वालों के लिए भी कोई असुविधा नहीं होगी। खास बात यह भी हो कि लोकतांत्रिक परम्परा के लिए सभी विधायक एक ही कैम्पस में रहेंंगे, तो इनमें आपसी सद्भाव और सौहाद्र बढ़ेगा। मुख्यमंत्री जी ने यह कार्य हाउसिंग बोर्ड को दिया। जेडीए फंडिंग करेगा और आवासन मंडल काम करेगा। आज मौके पर काम दु्रत गति से चल रहा है। पिछली सरकार ने कहा था कि मण्डल को बंद करो, लेकिन सरकार हमारी सरकार आते ही मुख्यमंत्रीजी ने कहा कि इसे रिवायव करो। आयुक्त के नेतृत्व में मंडल की टीम के सहयोग से यह रिवायव होगा।  इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सम्बोधित किया। नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री कुंजीलाल मीणा द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया।  इससे पूर्व आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने मंडल की उपलब्धियों, संचालित योजनाओं के बारे में विस्तृत प्रजंटेशन दिया। उन्होंने विधायक आवास परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कि आवासन मंडल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय की मंशा के अनुरूप आवासन मंडल के अधिशेष मकानों के निस्तारण के लिए बुधवार नीलामी उत्सव, स्वर्ण जयंती उपहार योजना, बुधवार नीलामी उत्सव ई-बिड सबमिशन योजनाएं संचालित की गई। इन योजनाओं के माध्यम से महज 20 माह की अल्पावधि में रिकॉर्ड 9140 आवासीय एवं 1895 वाणिज्यिक सम्पत्तियों सहित कुल 11 हजार से अधिक सम्पत्तियों का निस्तारण ई-ऑक्शन एवं ई-बिड सबमिशन के द्वारा पूर्ण पारदर्षिता के साथ निस्तारण किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस अवधि में रिकॉर्ड 3103 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया। उन्होंने मंडल द्वारा विकसित की जा रही कोचिंग हब, सिटी पार्क और अन्य परियोजनओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।  इस अवसर पर विधानसभा परिसर से विधायकगण वीसी के माध्यम से जुड़े। कार्यकम में मुख्य सचिव निरंजन आर्य, नगरीय विकास विभाग के सलाहकार जी.एस. संधु, जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त गौरव गोयल, आवासन मंडल की सचिव संचिता विष्नोई, मुख्य अभियंता के.सी. मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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