उपद्रवियों ने रखी 3 मांगें : नहीं मानने पर हालत और बिगड

उपद्रवियों ने रखी 3 मांगें
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नगर संवाददाता . उदयपुर। संभाग के डूंगरपुर जिले में शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहे आंदोलन में शनिवार को खेरवाड़ा में उपद्रवियों ने जमकर उपद्रव मचाया। उपद्रवियों ने पहाडिय़ों से उतरकर पुलिस और ग्रामीणों पर जमकर पथराव किया और घरों दुकानें और प्रतिष्ठानों में तोडफ़ोड़ करते हुए लूटपाट की। वहीं पुलिस ने भी इन उपद्रवियों को जमकर खदेड़ा और उपद्रवियों को भगाने के लिए पुलिस की ओर से हवाई फायर भी किए गए, जिसमें कुछ उपद्रवियों को भी गोलियां लगी है। इसमें एक प्रदर्शनकारी की गोली लगने से मौत हो गई है। इसके साथ ही कुछ अन्य के भी हताहत होने की सूचना है। घटना के बाद उपद्रवी फिर से उसी जगह पर जम गए है, जहां से प्रदर्शन शुरू किया था और अपनी मांगों पर अड़ गए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व उदयपुर सांसद रघुवीर मीणा के पैतृक घर पर आयोजित हुई जनप्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि मण्डल की बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला और जैसे ही यह बैठक का परिणाम सिफर रहा तो उपद्रवी फिर से पहाड़ों से उतरकर खेरवाड़ा के सीमावर्ती गांवों और कस्बों में घुस गए ओर तोडफ़ोड़ की।

शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन का तीसरा दिन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा के नाम पर रहा। शुक्रवार को हाईवे पर वाहनों को आग लगाने और तोडफ़ोड़ करने के बाद से ही खेरवाड़ा में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग अपने-अपने घरों में कैद है। इसी तरह खेरवाड़ा उपखण्ड के हाईवे से सटे गांवों ओर कस्बो में भी दहशत का माहौल बना रहा और हाईवे से सटी पहाडिय़ों पर सैंकड़ों की संख्या में उपद्रवियों का कब्जा रहा। ये उपद्रवी मौका देखकर हाईवे पर उतर रहे थे और हाईवे पर लावारिस खड़े वाहनों मेें लूटपाट कर रहे थे। घटना की गंभीरता पर जिला कलेक्टर चेतनराम देवड़ा, पुलिस अधीक्षक कैलाश चन्द्र विश्रोई सहित पुलिस के तमाम अधिकारी खेरवाड़ा में डेरा डाले रहे और पुलिस का भारी जाब्ता हाईवे पर तैनात रहा।

शाम को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व उदयपुर सांसद रघुवीर मीणा के परसाद स्थित पैतृक आवास पर जनप्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों की एक बैठक का आयोजन किया गया। शाम को करीब 4 बजे से यह बैठक शुरू हुई। इस बैठक में पूर्व सांसद मीणा के साथ-साथ जनजाति मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया, पूर्व सासंद ताराचंद भगोरा, डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा, सागवाड़ा विधायक रामप्रसाद, चौरासी विधायक राजकुमार रोत, पूर्व विधायक देवेन्द्र कटारा के साथ-साथ स्थानीय प्रधान व प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सभी प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को शांति बरतने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुँचाया जाएग। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में कोई परिणाम नहीं निकला और प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधिमण्डल तीन मांगों (शेष पेज 8 पर)


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