अनाथ आश्रम में 8 बच्चों से कुकर्म!- 16-17 साल के तीन लड़के दो महीने से बच्चों के साथ कर रहे थे गंदा काम

बच्चे से कुकर्म का मामला - जज ने बच्चे की मां के खिलाफ ब्लैकमेल कर 5 लाख रूपए मांगने का मामला दर्ज कराया
Share

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। जयपुर शहर के श्री हिंदू अनाथ आश्रम में रहने वाले 8 से 10 साल के 8 बच्चों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। इस आश्रम में जयपुर, भरतपुर, अजमेर, दौसा व आस-पास जिलों के 19 बच्चे रह रहे हैं। इसका वीडियो बाल आयोग तक पहुंचा तो पदाधिकारी हरकत में आए। बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन की टीम बुधवार देर शाम आश्रम पहुंची थी। यहां के बच्चों से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साथ रहने वाले 3 लड़के ही पिछले दो महीने से इन सभी का यौन शोषण कर रहे थे। बुधवार देर रात चाइल्ड लाइन जयपुर की काउंसलर शांति बेरवाल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। इसकी जांच कोतवाली थाना प्रभारी ओमप्रकाश कर रहे हैं। मामले में पुलिस ने गुरुवार को आश्रम के संचालक और कुछ संदिग्धों को पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की जाएगी। इधर, गुरुवार को वहां रहने वाले बच्चों को किसी अन्य जगह शिफ्ट कर दिया गया।

16 साल के लड़के ने बनाया छोटे बच्चों को शिकार

काउंसलर शांति बेरवाल के मुताबिक, आश्रम में मौजूद बच्चों की काउंसिलिंग की तो उनकी पीड़ा सुन कर हैरान हो गए। बताया कि दो महीने पहले एक 16 साल का किशोर आश्रम में आया था। इसी नाबालिग ने इन बच्चों के साथ छेड़छाड़ और गंदी हरकत करना शुरू कर दिया। इसके बाद इसी लड़के के दो और साथी आश्रम में आ गए। इनकी भी उम्र करीब 16 से 17 साल की है। तीनों आश्रम में रह रहे 8 से 10 साल के बच्चों के साथ गंदी हरकतें करते थे। उनको डरा-धमकाकर चुप रखते थे। बताया जा रहा है कि इसका वीडियो भी बनाया गया है। इसकी जांच की जा रही है।

धनतेरस को हुई शराब पार्टी

जानकारी के अनुसार, धनतेरस की रात को आश्रम में शराब पार्टी हुई थी। यहां डांस भी हुआ। इस बीच, आश्रम में ही रह चुके एक किशोर ने मोबाइल फोन से इस शराब पार्टी का वीडियो बना लिया। इसी वीडियो को बाल आयोग में किसी कर्मचारी को मोबाइल फोन पर भेज दिया। तब बाल आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने टीम को आश्रम में पड़ताल के लिए बुधवार को भेजा। टीम पहुंची तो सामने आया कि आश्रम में कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं था। इसके अलावा प्रबंध समिति के सदस्य की भी मॉनिटरिंग नहीं थी। हालात यह हैं कि यहां आने-जाने पर भी कोई रोक-टोक नहीं है। जांच में आश्रम में शराब की खाली बोतल भी मिली है।


Share