रंग लाया जिला कलक्टर देवड़ा का माइक्रो मैनेजमेंट, तीन दिन में 18849 लोग पहुंचे शिविरों में

रंग लाया जिला कलक्टर देवड़ा का माइक्रो मैनेजमेंट, तीन दिन में 18849 लोग पहुंचे शिविरों में
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उदयपुर . नगर संवाददाता। उदयपुर जिले में वल्लभनगर उपचुनाव की आचार संहिता के चलते भले ही प्रशासन गांव के संग अभियान एक माह देरी से प्रारंभ हुआ, लेकिन शुरुआती तीन दिनों में ही उदयपुर जिले की 20 पंचायत समितियों में आयोजित प्रशासन गांव के संग अभियान के तहत शिविरो में 18,849 लोग पहुंचे और अपने वर्षों से लंबित नामांतरण, खातों का शुद्धिकरण, रास्ते के प्रकरण, भूमिहीन किसानों को किसान आवंटन जैसे सरकारी कार्यों के पूरा होने की खुशी लेकर घर लौटे।

तीन दिन में 2,294 नामांतरण

जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने बताया कि उदयपुर जिले में प्रशासन गांव के संग अभियान के प्रति ग्रामीणों के उत्साह और जागरुकता का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले की 20 पंचायत समितियों में तीन दिन में 2,294 नामांतरण खोले गए। इनमें सायरा पंचायत समिति में 8 नवम्बर से 11 नवम्बर यानी तीन दिन में सर्वाधिक 340 नामांतरण खोले गए। वहीं, जनजाति बाहुल्य वाली जिले की कोटड़ा पंचायत समिति में तीन दिन में 79 प्रकरण निपटाए गए। कुल मिलाकर जिले की 20 पंचायत समितियों में 2294 नामांतरण खोले गए। इनमें मावली में 317, ऋषभदेव में 221, सलूम्बर में 221, लसाडिय़ा में 141, बडग़ांव में 130, गोगुन्दा में 114, गिर्वा में 113, झल्लारा में 112, झाड़ोल में 102, वल्लभनगर में 101, जयसमंद में 65, खेरवाड़ा में 52, सराड़ा में 48, भींडर में 41, फलासिया 32, नयागांव 32 व कुराबड़ और सेमारी पंचायत समिति में तीन दिन में 18-18 नामांतरण के प्रकरण निस्तारित किए गए।

1527 खातों का शुद्धिकरण, मावली सबसे आगे

शिविर के शुरूआती तीन दिनों में जिले की 20 पंचायत समितियों में 1527 राजस्व अभिलेखों व खातों का शुद्धिकरण किया गया। इनमें कई प्रकरण तो कई वर्षों से अटके हुए थे। मावली पंचायत समिति में तीन दिन में 291 राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण किया गया। वहीं, सलूम्बर में 204, सायरा में 197, ऋषभदेव में 162, गिर्वा में 91, लसाडिय़ा में 88, बडग़ांव में 15, गोगुन्दा में 76, झल्लारा में 87, झाड़ोल में 38, वल्लभनगर में 64, जयसमंद में 23, कोटड़ा में 30, सराड़ा में 12 भींडर में 30, कुराबड़ में 59 और सेमारी पंचायत समिति में 10 राजस्व खातों का शुद्धिकरण किया गया।

विवादों के साथ मिटी परिवारों की दूरियां

प्रशासन गांव के संग शिविरों के दौरान सरकारी कामकाज और प्रशासनिक कार्यवाही के बीच मानवीय संवेदनाओं और भावनाओं का भी नजारा देखा जा सकता है। शिविर में बरसों से चले आ रहे विवादों का समाधान होने से कई परिवारों के बीच बरसों से चली आ रही कड़वाहट भी मिट रही है। जिले की 20 पंचायत समितियों में तीन दिन में आपसी सहमति से खातों के विभाजन के 124 प्रकरणों का निस्तारण हुआ, जिससे 478 लोग लाभान्वित हुए हैं। आपसी सहमति से खातों के विभाजन से परिवारों के बीच कटुता भी समाप्त हुई। मावली पंचायत समिति में तीन दिन में सर्वाधिक 18 प्रकरणों में आपसी सहमति से खातों का विभाजन हुआ, जिससे 80 लोग लाभान्वित हुए। वहीं, झाड़ोल पंचायत समिति में तीन दिन में 17 प्रकरणों में आपसी सहमति से खातों का विभाजन हुआ, जिससे 66 लोग लाभान्वित हुए।

तीन दिन का लेखा-जोखा

जिले की 20 पंचायत समितियों में 8 नवम्बर से 11 नवम्बर यानी तीन दिनों में 147 रास्ते के प्रकरण, 25 गैर खातेदारी से खातेदारी प्रकरण, सरकारी, चारागाह या विभागीय भूमियों पर अतिक्रमण के 48 प्रकरण, सीमाज्ञान व पत्थरगढ़ी के 393 प्रकरण का निस्तारण किया गया।

70 वर्षीय तुलसी बनी मालकिन

पंचायत समिति बडग़ांव की ग्राम पंचायत घोड़ान कला मे प्रशासन गांवों के संग शिविर  का आयोजन किया गया। शिविर मे आवासीय भूमि के 20 पट्टे जारी किये गये है जो जनजातीय परिवारों से सम्बंधित थे इन्हे वर्षों से किसी न किसी कारण से पट्टे जारी नहीं हो पाये थे। इनमे तुलसी गमेती जो लगभग 70 वर्षीय विधवा शामिल हे जो अब अपने आवासीय भूखंड की विधिवत मालकिन बनी है और दस्तावेज बन जाने से अब वह विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकेगी।

आयुर्वेद विभाग की मिली जमीन

राजकीय आयुर्वेद औषधालय पीपली-अ का भवन खातेदारी भूमि पर 25 वर्ष पूर्व बना था वर्तमान में जीर्ण शीर्ण हो चुका था जिससे जान एवं माल के नुकसान की आशंका थी प्रशासन गांवों के संग अभियान 2021 के पीपली अ कैंप में एसडीओ गोविंद रत्नू, बीडीओ हिंगलाज दान चारण व स्थानीय सरपंच लालाराम आहारी के व्यक्तिगत रूचि एवं प्रयास से आयुर्वेद विभाग को आराजी न 3620 में 2400 वर्ग फीट भूमि प्राप्त हुई। इस ऐतिहासिक कार्य के लिए आयुर्वेद विभाग ने जिला प्रशासन, पंचायती राज विभाग एवं ग्राम पंचायत पीपली अ का आभार जताया।

आज यहां लगेंगे शिविर

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार 12 नवंबर को जिले की गिर्वा के उंदरी कला बडग़ांव के सरे, मावली के भानसोल वल्लभनगर के किकावास, सायरा के पुनावली, झाडोल के खाखड़, सलूंबर के करावली, खेरवाड़ा की झूथरी, सेमारी के मल्लाड़ा, ऋषभदेव के बिछीवाड़ा

तथा कोटड़ा के बाकावास में शिविर आयोजित होगा।

9 नए राजस्व गांवों के प्रस्ताव

उदयपुर जिले में 9 नए राजस्व गांवों के लिए प्रस्ताव तैयार कर अग्रिम कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को भेजे गए हैं। इनमें ऋषभदेव पंचायत समिति में 1, भीण्डर पंचायत समिति में 1, सलूम्बर पंचायत समिति के 4 व सायरा पंचायत समिति के 3 गांव प्रस्तावित हैं। राजस्व ग्राम बनने से यहां के लोगों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा और ग्राम पंचायतों का गठन भी हो सकेगा। वहीं, जिले की विभिन्न पंचायत समितियों में आबादी विस्तार भूमि आवंटन व आरक्षण के 48 प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इनमें बडग़ांव पंचायत समिति के 6, ऋषभदेव के 6, सलूम्बर के 6, कोटड़ा व गिर्वा के 3-3, मावली, सायरा व वल्लभनगर के 5-5, जयसमंद व नयागांव का 1-1 प्रस्ताव शामिल हैं।  9 नए राजस्व गांवों के प्रस्ताव

उदयपुर जिले में 9 नए राजस्व गांवों के लिए प्रस्ताव तैयार कर अग्रिम कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को भेजे गए हैं। इनमें ऋषभदेव पंचायत समिति में 1, भीण्डर पंचायत समिति में 1, सलूम्बर पंचायत समिति के 4 व सायरा पंचायत समिति के 3 गांव प्रस्तावित हैं। राजस्व ग्राम बनने से यहां के लोगों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा और ग्राम पंचायतों का गठन भी हो सकेगा। वहीं, जिले की विभिन्न पंचायत समितियों में आबादी विस्तार भूमि आवंटन व आरक्षण के 48 प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इनमें बडग़ांव पंचायत समिति के 6, ऋषभदेव के 6, सलूम्बर के 6, कोटड़ा व गिर्वा के 3-3, मावली, सायरा व वल्लभनगर के 5-5, जयसमंद व नयागांव का 1-1 प्रस्ताव शामिल हैं।


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