टीम में जगह को लेकर उठ रहे थे सवाल, मयंक ने शतक जड़ दिया आलोचकों को करारा जवाब

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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। मयंक अग्रवाल का न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट में खेलना तय नहीं था। इस बल्लेबाज को कमजोर कड़ी माना जा रहा था क्योंकि कानपुर टेस्ट में मयंक उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके थे। लेकिन वानखेड़े स्टेडियम में दबाव में इस बल्लेबाज ने जो शतकीय पारी खेली वह काबिलेतारीफ है।

मयंक ने 2 साल के सूखे को खत्म कर शुक्रवार को टेस्ट करियर का चौथा शतक लगाया। कनार्टक के इस बल्लेबाज ने डेरिल मिचेल की गेंद पर चौका जड़ शानदार शतक लगाया। उन्होंने 196 गेंदों पर धमाकेदार शतक जड़ा। एक ओर जहां स्पिनर एजाज पटेल ने अपनी फिरकी में चेतेश्वर पुजारा और कप्तान विराट कोहली को फंसाकर हाहाकार मचा दिया वहीं दूसरी ओर मयंक एक छोर पर सूझबूझ भरी पारी खेलते रहे। एजाज ने विराट और पुजारा को शून्य के निजी स्कोर पर आउट किया।

मयंक ने अपना अंतिम शतक नवंबर 2019 में लगाया था। उस समय उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ इंदौर टेस्ट में शतक को दोहरा शतक में परिवर्तित किया था। मयंक ने मुश्किल परिस्थितियों में यह शतक लगाया है। उन्होंने पिछले सात टेस्ट मैचों में सिर्फ एक बार 50 प्लस का स्कोर किया था।

न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर टेस्ट में असफल होने के बाद मयंक की जगह को लेकर सवाल उठने लगे थे। मयंक ने कानपुर टेस्ट की पहली पारी में 13 जबकि दूसरी पारी में 17 रन बनाए थे। विराट कोहली को पहले टेस्ट में आराम दिया गया था। ऐसे में मुंबई टेस्ट में कप्तान के लौटने पर ऐसी अटकलें थी कि मयंक को शायद टीम से बाहर कर दिया जाए।

हालांकि 30 वर्षीय इस ओपनर ने अपनी जगह फिर से पक्की कर ली है। इससे पहले भी मयंक ने कई बार चयनकर्ताओं को अपने शानदार खेल से साबित किया है। मयंक ने अपने सामने कीवी स्पिनर्स को जमने नहीं दिया। उन्होंने अपनी पारी में 3 छक्के और 11 चौके लगाए।


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