प्लास्टिक के ड्रम बनाने के कारखाने में भीषण आग, लोगों में घबराहट

प्लास्टिक के ड्रम बनाने के कारखाने में भीषण आग, लोगों में घबराहट
Share

नगर संवाददाता . उदयपुर। शहर के आयड़ संग्रहालय स्थित प्लास्टिक के ड्रम बनाने के कारखाने में बुधवार तड़के शार्ट सर्किट के चलते भीषण आग लग गई, जिसे काबू में करने में दमकल को एक घंटे से भी अधिक समय तक प्रयास करना पड़ा। इस दौरान तीन दमकलों ने बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। प्लास्टिक के ड्रमों में आग लगने से क्षेत्र में धुआं ही धुआं हो गया और लोगों में घबराहट रही।

सूत्रों के अनुसार आयड़ संग्रहालय के सामने प्लास्टिक के ड्रम बनाने दो कारखाने है। यहां पर ऑयल के खाली ड्रमों को काटकर प्लास्टिक बड़े-बड़े ड्रम बनाए जाते है जो घरों में काम आते है। यहां पर हर समय सैंक डों की संख्या में प्लास्टिक के ड्रम पड़े रहते है, जिनमें से अधिकांश तो ऑयल के होते है। यहां पर नदीम खान का भी एक प्लास्टिक के ड्रमों का कारखाना है। बुधवार तड़के इस कारखाने से धुआं और आग की लपटे निकलता हुआ देखकर यहां से निकल रहे किसी राहगीर ने पुलिस को फोन कर दिया।

पुलिस ने इस बारे में दमकल को बताया, जिस पर मौके पर एक साथ दो दमकलें पहुँची और जैसे ही गोदाम का शटर उंचा किया तो अंदर आग विकराल रूप ले चुकी थी। एक साथ कई ड्रम जल रहे थे और आग धीरे-धीरे फैलती ही जा रही थी। निगम के अग्रिशमन कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। इस दौरान एक ओर दमकल को बुलाया गया। करीब एक घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान गोदाम मालिक नदीम खान भी पहुँच गया। मौके पर भुपालपूरा थाने से जाब्ता पहुँचा, हालांकि तड़के आग लगने के कारण किसी तरह का जान का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन एक दर्जन से अधिक ड्रम जलकर नष्ट हो गए।

दमकल विभाग के अनुसार यहां पर बिजली का मीटर भी लापरवाही में लगा रखा है ऐसे में विद्युत मीटर में लपटे निकली होंगी और प्लास्टिक के ड्रमों ने आग पकड़ ली होगी। इन ड्रमों में ऑयल आता है और ऑयल के खाली होने के कारण यहां पर आते है। ऐसे में इन ड्रमों में ऑयल भी होता है और विद्युत मीटर से निकली चिंगारी के कारण कुछ ही देर में आग फैल हो गई होगी। आग से हजारों रूपए का नुकसान हुआ है।

तीन-चार माह पूर्व भी लग चुकी है आग

पुलिस के अनुसार इसी कारखाने में तीन से चार माह पूर्व भी आग लग चुकी है। उस दौरान देर रात्रि को इसी तरह शार्ट सर्किट से आग लगी थी और प्लास्टिक के ड्रमों में ऑयल होने के कारण विस्फोट के साथ-साथ ड्रम हवा में भी काफी उंचाई तक उछले थे। उस दौरान भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई थी।


Share