उदयपुर में दिनदहाड़े हथियारों से लैस नकाबपोश बदमाशों ने की लूट की बड़ी वारदात, मणप्पुरम गोल्ड लोन के कार्यालय से 24 किलो सोना व 11 लाख कैश लूटा

Masked miscreants armed with weapons committed a major robbery in Udaipur in broad daylight
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दो बाईक पर आए पांच बदमाश, सभी के पास थी पिस्टलें, कंपनी मेें घुसते ही बंधक बनाया कर्मचारियों को, मारपीट की, ए श्रेणी की नाकाबंदी, पर बदमाशों का पता नही चला

नगर संवाददाता . उदयपुर। शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र के सुंदरवास क्षेत्र में स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन के ऑफिस मेें दिन-दहाड़े हथियारों से लैस होकर पांच नकाबपोश बदमाशों ने स्टॉफ को बंधक बनाकर इस गोल्ड लोन कंपनी से 24 किलो सोना और 11 लाख रूपए की नकदी लूटकर फरार हो गए। लूटेरों ने यह घटना मात्र 23 सैकण्ड में ही कर दी और बाहर निकल गए। घटना की जानकारी पर मौके पर आईजी प्रफुल्ल कुमार और एसपी विकास शर्मा सहित पुलिस के आला अधिकारी और भारी जाब्ता मौके पर पहुँचा। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चैक की तो सामने आया कि इन बदमाशों ने स्टॉफ को डराने के लिए मारपीट तक की थी। घटना के बाद इस गोल्ड लोन कंपनी में कार्यरत दो महिला स्टॉफ बुरी तरह से सदमें में आ गई, जो देर तक नहीं उबर पाई। पुलिस ने संभागभर में ए प्लस नाकाबंदी करवाई, लेकिन बदमाशों का पता नहीं चला।

जानकारी के अनुसार सुंदरवास में एक भवन में फस्र्ट फ्लोर पर मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी का कार्यालय संचालित होता है। सोमवार को यहां पर कार्यरत कर्मचारी आए और ऑफिस खोलकर अपने काम को शुरू ही किया था कि सुबह 9.19 बजे पर एक साथ मुहं पर मास्क लगाए और हाथ में पिस्टल लिए पांच बदमाश इस कंपनी में घुसे और घुसते ही सभी कर्मचारी व अधिकारियों को जमीन पर बैठा दिया। लुटेरों के हाथ में पिस्टल देखकर कर्मचारी घबरा गए और नीचे बैठ गए। इन पांच कर्मचारियों पर दो लूटेरे हाथ में पिस्टल लेकर खड़े रहे और मारपीट करते रहे। बदमाशों ने उनसे गोल्ड व कैश के बारे में पूछा। इसके बाद कंपनी के एक कर्मचारी जिसके पास लॉकर की चाबियां थी उसको अपने साथ ले गये और लॉकर में रखे 24 सोने के जेवरात और 11 लाख रूपये कैश को एक बड़े से बैग में भरकर करीब 9.41 बजे पर पुन: बाहर निकले, इनमें से पार्किंग में खड़ी एक बाईक को एक युवक ने स्टार्ट की और दूसरा युवक 11 लाख रूपए की नकदी व 24 किलो सोने से भरे बैग को बीच में रख बैठा तो बाईक चालक युवक बाईक को प्रतापनगर की ओर लेकर रवाना हो गया। इनके निकलने के एक मिनट के अंदर शेष तीनों लुटेरे भी पार्किंग में आए एक-एक कर तीनों एक ही बाईक पर बैठे और प्रतापनगर की ओर रवाना हो गए।

लुटेरों के जाने के बाद जब कंपनी में एक ग्राहक ब्याज जमा करवाने आया तो उसने कर्मचारियों को बंधक बनाया हुआ देखा तो उन्हें खोला। जैसे ही कर्मचारी बंधक से मुक्त हुए तो उन्होंने तुरन्त पुलिस कंट्रोल रूम पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेंज के आईजी प्रफुल्ल कुमार, जिला पुलिस अधीक्षक विकास कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर ठाकुर चंद्रशील, पुलिस डिप्टी शिप्रा राजावत, तपेन्द्र मीणा, भूपेन्द्र सिंह, प्रतापनगर थानाधिकारी दर्शनसिंह, सवीना थानाधिकारी रविन्द्र चारण, डीएसटी टीम के प्रभारी दिलीपसिंह झाला एवं डीएसटी ग्रामीण के प्रभारी श्यामसिंह रत्नू मय टीम के मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चैक की। पुलिस टीम ने जहां से जेवरात व नकदी लूटी गई उस स्थान को भी देखा। मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया जिसने वहां पर पड़े साक्ष्य एकत्र किये। प्रतापनगर थाना पुलिस ने बैंक मैनेजर करौली निवासी पवन कुमार मीणा की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लूटेरों की तलाश शुरू कर दी।


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