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2014 के बाद कई दिग्गज नेता छोड़ चुके हैं कांग्रेस

नई दिल्ली (एजेंसी)।  राजस्थान के उपमुख्यमंत्री रहे और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाने वाले सचिन पायलट पहले नेता नहीं हैं जिन्होंने पार्टी के खिलाफ बगावत की है। दरअसल 2014 के बाद कांग्रेस में अब तक 9 ऐसे दिग्गज नेता रहे हैं जिन्होंने पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। पार्टी छोडऩे वाले नेताओं में कई पूर्व केंद्रीय मंत्री भी हैं।

जयंती नटराजन

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंती नटराजन ने 30 जनवरी 2015 को कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़़ा था। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप थे। हालांकि उन्होंने पार्टी छोड़ते वक्त राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं पर बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाया था। नटराजन का परिवार कांग्रेस के साथ 1960 के दशक से जुड़ा हुआ था। उनके नाना एम भक्तवत्सलम तमिलनाडु में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री थे। इससे पहले भी एक बार नटराजन ने पार्टी छोड़ी थी। 1990 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी। नरसिम्हा राव से खफा होकर नटराजन और तमिलनाडु के अन्य नेताओं ने पार्टी छोड़ दी थी। राव के पद से हटने के बाद उन्होंने दोबारा कांग्रेस ज्वाइन की थी।

जीके वासन

यूपीए सरकार में मंत्री रह चुके जीके वासन ने नवंबर 2014 में पार्टी छोड़ी थी। उनके पिता जीके मुपनार बड़े कांग्रेसी नेता रहे। वासन ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस पार्टी में तमिलनाडु इकाई को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता। पार्टी छोडऩे के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने देसिया तमिल मनीला कांग्रेस की स्थापना की।

ज्योतिरादित्य सिंधिया

कांग्रेस छोडऩे वाले नेताओं में अब तक सबसे ज्यादा सुर्खियां ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिली। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय ही मुख्यमंत्री पद को लेकर शुरू हुई टकराहट आखिरकार सिंधिया के कांग्रेस छोडऩे पर जाकर खत्म हुई। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना। सिंधिया राहुल गांधी के बेहद करीबी थे और कांग्रेस के भविष्य के रूप में भी देखे जा रहे थे।

टॉम वडक्कन

तकरीबन 20 सालों तक सोनिया गांधी के खास रहने के बाद टॉम वडक्कन ने पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक के समय में पार्टी के स्टैंड का विरोध किया था। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली।

रंजीत देशमुख

महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रंजीत देशमुख ने संगठन पर आरोप लगाकर कांग्रेस छोड़ दी थी। वो महाराष्ट्र की विलासराव देशमुख सरकार में मंत्री भी रहे थे। हालांकि बाद में खराब स्वास्थ्य की वजह से रंजीत सक्रिय राजनीति से अलग हो गए।

चौधरी बीरेंदर सिंह

हरियाणा कांग्रेस के ताकतवर नेता रहे चौधरी बीरेंदर सिंह ने 2014 में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। कहते हैं कि उन्होंने पार्टी राज्य के तत्कालीन सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा के विरोध में छोड़ी थी। फिर उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर हरियाणा से जीता और फिर केंद्रीय मंत्री बने।

रीता बहुगुणा जोशी

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रहीं रीता बहुगुणा जोशी ने साल 2016 में कांग्रेस छोड़ी थी। बाद में वो भाजपा के टिकट पर लखनऊ से विधायक बनीं। उनके पिता हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस के दिग्गज नेता और यूपी के मुख्यमंत्री रहे।


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