डूंगरपुर सहित कई कस्बे रहे बंद, पुलिस का शांति मार्च

उपद्रवियों ने रखी 3 मांगें
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नगर संवाददाता . उदयपुर। शिक्षक भर्ती-2018 के अनारक्षित पदों को एसटी वर्ग से भरने की मांग को लेकर पांच दिन से चल रहा उपद्रव सोमवार को शांत हो गया। अब आंदोलन के कारणों, उसमें शामिल लोगों, आंदोलन में हुए नुकसान व आगे की तैयारियों पर मंथन हो रहा है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी सहूलियत और वोट बैंक के हिसाब से इस मसले पर राजनीति भी तेज कर दी। राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेगी।
आंदोलन और हिंसा के विरोध में डूंगरपुर शहर अभूतपूर्व रूप से बंद रहा। लोगों ने आक्रोश दिखाते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर दंगाइयों पर संख्त कार्रवाई की मांग की।

तोडफ़ोड़ व आगजनी से प्रभावित खेरवाड़ा, ऋषभदेव, बिलख, कल्याणपुर व झाड़ोल सहित सभी क्षेत्रों में शांति रही। पुलिस ने पहाड़ों पर डेरा डालते हुए शांति बहाली का संदेश दिया। झड़पों में मारे गए दोनों युवाओं का सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने डूंगरपुर, खेरवाड़ा सहित अन्य प्रभावित कस्बों में बैठकें कीं व कानून व्यवस्था का भरोसा दिलाया। हालांकि कई जगह विरोध में व्यापारियों ने सोमवार को भी प्रतिष्ठान बंद रखे व मंगलवार का हालात देखते हुए बाजार खोलने की बात कही। सबसे ज्यादा उपद्रव प्रभावित खेरवाड़ा की श्रीनाथ कॉलोनी में अस्थाई पुलिस चौकी बनाने का निर्णय भी हुआ है। डीजी कानून व्यवस्था एमएल लाठर के निर्देशन में एडीजी दिनेश एम.एन., जयपुर कमीश्नर आनंद श्रीवास्तव, आईजी बिनिता ठाकुर, एसपी कैलाशचन्द्र विश्नोई ने सोमवार को भी विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यापारियों ने आए दिन उपद्रवियों की ओर से हमले की शिकायतें भी कीं।


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