जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए कई अहम फैसले- राहत की वस्तुओं के आयात में मिलेगी छूट

सीतारमण
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नई दिल्ली (एजेंसी)। करीब 7 महीने बाद शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक हुई। कोरोना की वजह से ही बार-बार जीएसटी काउंसिल की बैठक को टाला गया था। इस बार हुई बैठक में कोरोना से राज्यों की अर्थव्यवस्था पर पडऩे वाले असर पर भी चर्चा हुआ है। इस साल की जीएसटी काउंसिल की पहली बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं।

  • जीएसटी कंपनसेशन को लेकर पिछले साल जैसा ही फॉर्मूला इस बार भी अपनाया जाएगा। अनुमान है कि केंद्र को करीब 1.58 लाख करोड़ रूपये उधार लेने पड़ेंगे और इसे राज्यों को दिया जाएगा।
  • एनुअल रिटर्न फाइलिंग को आसान भी बनाया गया है। काउंसिल ने फैसला किया है कि सीजीएसटी एक्ट में बदलाव किया जाएगा, ताकि रीकंसीलिएशन स्टेटमेंट के सेल्फ सर्टिफिकेशन की इजाजत मिल सके, ना कि इसे किसी चार्टर्ड अकांटेंट से सर्टिफाई कराने की जरूरत हो।
  • वित्त वर्ष 2020-21 की छोटे कर्मचारियों के लिए एनुअल रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। यह उनके लिए जिनका टर्नओवर 2 करोड़ रूपये से कम है। जिन कारोबारियों का टर्नओवर 5 करोड़ या इससे ज्यादा है, उन्हें वित्त वर्ष 2020-21 के लिए रिकॉन्सिलेशन स्टेटमेंट देना होगा।
  •  एडवांस भुगतान के तौर पर दो वैक्सीन निर्माताओं को 4500 करोड़ रूपये दिए जा चुके हैं। भारत अभी जापान, यूरोप के वैक्सीन निर्माताओं और सप्लायर्स के साथ बातचीत कर रहा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई बढ़ेगी।

जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए फैसले

  • अब करदाता पेंडिंग रिटर्न फाइल कर सकते हैं और कम हुई लेट फीस के साथ एमनेस्टी स्कीम का फायदा उठा सकते हैं।
  • लेट फीस को लेकर भी एक नई व्यवस्था की गई है। छोटे करदाताओं के लिए अधिकतम लेट फीस में कटौती की है, जो अगले टैक्स पीरियड से प्रभावी होगी। इससे छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
  • जीएसटी काउंसिल ने महसूस किया है कि इनवर्जन ड्यूटी में कोई बदलाव करने के लिए यह सही समय नहीं है, इसलिए इसे जस का तस छोड़ा जा रहा है।
  • काउंसिल की बैठक में एक मंत्रियों का समूह बनाने का फैसला किया गया है, जो 8 जून से पहले 10 दिन के अंदर एक रिपोर्ट देगा कि जो रेट तय किए गए हैं, उनमें और कटौती की गुंजाइश है या नहीं। जो संभावा होगा, उतनी कटौती कर दी जाएगी।
  • इस बार जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोरोना से जुड़े उपकरणों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
  •  अगर ये राहत की वस्तुएं आप खुद मंगा रहे हैं और उसका निजी इस्तेमाल करेंगे तो उस पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगा।
  •  अगर राहत की वस्तुओं को आप जरूरतमंदों में बांटने के लिए मंगा रहे हैं और राज्य ने इसकी इजाजत दे दी है, तो भी इसके आयात पर आपको जीएसटी से छूट मिलेगी।
  • काउंसिल ने फैसला किया है कि राहत की वस्तुओं के आयात में छूट दी जाए और इसे 31 अक्टूबर 2021 तक के लिए बढ़ा दिया है।
  • आयात में छूट दी गई कैटेगरी में ब्लैक फंगस की दवा ्रद्वश्चद्धशह्लद्गह्म्द्बष्द्बठ्ठ क्च भी शामिल है।

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