संसद में कांग्रेस की अगुवाई ममता को नहीं मंजूर

Mamata does not approve of Congress's leadership in Parliament
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खडग़े की बुलाई मीटिंग से टीएमसी हुई दूर

नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद के मानसून सत्र में पेगासस और किसान आंदोलन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए एक साथ आने वाली कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की राहें सोमवार से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में जुदा रहने वाली हैं। पहले खुद टीएमसी चीफ ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर सोनिया गांधी से न मिलकर यह संकेत दे चुकी हैं और अब सोमवार को कांग्रेस की तरफ से संसद की रणनीति बनाने को लेकर बुलाई गई विपक्षी पार्टियों की बैठक में भी तृणमूल कांग्रेस शामिल नहीं होगी। हालांकि, टीएमसी ने रविवार को प्र.म. मोदी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। इससे एक बार फिर से यह स्पष्ट है कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ऐसा एक भी संकेत नहीं देना चाहती, जिससे यह लगे कि उसे कांग्रेस की अगुवाई मंजूर है। एक टीएमसी नेता ने कहा, लीडर ऑफ अपोजिशन मल्लिकार्जुन खडग़े की बुलाई विपक्षी दलों की बैठक में टीएमसी शामिल नहीं होगी, लेकिन प्र.म. मोदी और राज्यसभा चेयरमैन की बुलाई दोनों बैठकों में पार्टी हिस्सा लेगी। टीएमसी नेता ने कहा कि पार्टी आगामी सत्र में निश्चित रूप से कई मुद्दे सामने लाएगी।

इससे पहले ममता बनर्जी से उनके दिल्ली दौरे पर जब यह सवाल किया गया था कि वह सोनिया गांधी से क्यों नहीं मिलीं तो उन्होंने जवाब दिया था कि इसकी कोई योजना नहीं है, क्योंकि वे पंजाब चुनाव में व्यस्त हैं। बाद में, उन्होंने कहा, हमें हर बार सोनिया से क्यों मिलना चाहिए? यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य नहीं है। उनकी टिप्पणी उनकी पार्टी के एक बड़े विस्तार की होड़ के बीच आई। बता दें कि टीएमसी जॉइन करने वाले अधिकांश नेता कांग्रेस के ही हैं।


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