मुख्य आरोपी हयात जफर गिरफ्तार

मुख्य आरोपी हयात जफर गिरफ्तार
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कानपुर (एजेंसी)। कानपुर हिंसा मामले के मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ जारी है। हयात जफर हाशमी पर हिंसा फैलाने और लोगों को भड़काने का आरोप है। इससे पहले उसका नाम सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन में भी सामने आया था। हयात जफर हाशमी मौलाना मुहम्मद जौहर अली फैन्स एसोसिएशन का संचालक है। उसका नाम कानपुर में हुए दंगे में पहले भी आया था। सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शन में भी हयात जफर हाशमी की भूमिका जांच के दायरे में थी। इस मामले में कानपुर के कर्नलगंज थाने में हयात जफर हाशमी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

बताया जा रहा है कि उस वक्त भी जफर हाशमी ने फेसबुक के जरिए ही लोगों को विरोध करने के लिए इक_ा होने को कहा था। फेसबुक लाइव से लेकर पोस्टर लगाकर लोगों को प्रदर्शन के लिए एकजुट करने का उसका पुराना पैटर्न है। सीएए-एनआरसी हिंसा के दौरान भी हाशमी ने यही पैटर्न अपना कर लोगों को इक किया था। इस हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई थी।

अब तक 35 दंगाइयों को पकड़ा गया

बता दें कि हाल ही में एक न्यूज चैनल पर डिबेट के दौरान भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर दी थी, जिसको लेकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नाराज थे। इसके विरोध में मुस्लिम पक्ष ने जुलूस निकाला था। इस दौरान हिंसा भड़क गई। एडीजी यूपी प्रशांत कुमार अब तक 35 दंगाइयों को पकड़ा गया है, आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी है। साथ ही घरों पर बुलडोजर भी चलेगा। इस मामले में 40 आरोपी नामजद किए गए हैं, जबकि 3 एफआईआर दर्ज की गई है।

यतीमखाना इलाके से शुरू हुआ बवाल?

हिंसा की शुरूआत यतीमखाना इलाके की मुख्य सड़क और बाजार से हुई। धर्म के नाम पर सामने आए दो गुटों के बीच पहले बहस हुई। इसके बाद टकराव हुआ और फिर पथराव होने लगे। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे पड़े थे, बाजार बंद हो चुके थे, कई गाडिय़ां तोडफ़ोड़ी जा चुकी थीं। पुलिस ने दंगाइयों को खदेडऩा शुरू किया तो ये लोग अंदर की बस्ती और तंग गलियों में जा घुसे और वहीं से पुलिस को ही निशाना बनाना शुरू  कर दिया, जिसमें कई पुलिसवाले जख्मी हो गए। पथराव काफी देर तक जारी रहा। आसपास के थानों से भी पुलिस बुलानी पड़ी। इस दौरान दंगाइयों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस आंसू गैस छोडऩे पड़े। देर रात हालात पर पुलिस ने काबू पा लिया। इसके बाद कमिश्नर डीएम और पुलिस  कमिश्नर ने पूरी फोर्स, पीएसी और आरएएफ के साथ हिंसा प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया।


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