महाशिवरात्रि आज – 24 घंटे में पूजा के 7 मुहूर्त

महाशिवरात्रि आज - 24 घंटे में पूजा के 7 मुहूर्त
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उज्जैन (एजेंसी)। शिव पूजा का महापर्व यानी शिवरात्रि है। पंचांग के हिसाब से ये दिन फाल्गुन महीने के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को होता है, जो कि इस बार 1 मार्च को है। शिव पुराण में लिखा है कि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग से ही सृष्टि शुरू हुई थी। इस दिन सबसे पहले भगवान विष्णु और ब्रह्माजी ने शिवलिंग की पूजा की थी। तब से हर युग में इस तिथि पर भगवान शिव की महापूजा और व्रत-उपवास करने की परंपरा चली आ रही है। इस पर्व पर दिनभर तो शिव पूजा होती ही है, लेकिन ग्रंथों में रात में पूजा करने का खास महत्व बताया गया है। इस पर्व से जुड़ी मान्यता ये भी है कि इस दिन भगवान शिव-पार्वती का विवाह हुआ था।

स्कंद और शिव पुराण में लिखा है कि शिवरात्रि पर रात के 4 प्रहरों में शिवजी की पूजा करनी चाहिए क्योंकि इस तिथि पर भगवान शिव लिंग के रूप में रात में ही प्रकट हुए थे, इसलिए शिवरात्रि पर रात के चारों प्रहर में पूजा करने से जाने-अनजाने हुए पाप और दोष खत्म हो जाते हैं। अकाल मृत्यु नहीं होती और उम्र भी बढ़ती है।

दुर्लभ ग्रह स्थिति और पांच राजयोग

पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर शिव योग बन रहा है। साथ ही शंख, पर्वत, हर्ष, दीर्घायु और भाग्य नाम के राजयोग बन रहे हैं। इस दिन मकर राशि में चंद्र, मंगल, बुध, शुक्र और शनि रहेंगे। इन ग्रहों के एक राशि में होने से पंचग्रही योग बन रहा है। वहीं, इस महा पर्व पर कुंभ राशि में सूर्य और गुरू की युति बनना भी शुभ रहेगा। बृहस्पति धर्म-कर्म और सूर्य आत्मा कारक ग्रह होता है। इन दोनों ग्रहों की युति में शिव पूजा का शुभ फल और बढ़ जाएगा। शिवरात्रि पर सितारों की ऐसी स्थिति पिछले कई सालों में नहीं बनी।

 शिव पूजा के मुहूर्त

सुबह : 6.05 से 8:55 तक

सुबह : 9.40 से दोपहर 2 बजे तक

दोपहर : 3.30 से शाम 5 बजे तक

रात के चार प्रहर की पूजा के मुहूर्त

पहला प्रहर : शाम 6.05 से रात 09:31 तक

दूसरा प्रहर : रात 09:31 से 12:37 तक

तीसरा प्रहर : 12:37 से 03:43 तक

चौथा प्रहर : 03:43 से अगले दिन सुबह 06:49 तक


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