‘लॉकडाउन गया है, कोरोना नहीं, बिगडऩे न दें स्थिति’

'लॉकडाउन गया है, कोरोना नहीं, बिगडऩे न दें स्थिति'
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नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में कोरोना वायरस के प्रति लापरवाही नहीं बरतने की अपील की। प्र.म. ने कहा कि अभी लॉकडाउन ही हटा है, वायरस गया नहीं है। उन्होंने देशवासियों को समझाते हुए कबीरदास के एक दोहे और रामचरितमानस की चौपाई का उदाहरण भी दिया। पकी खेती देखिके, गरब किया किसान। अजहूं झोला बहुत है, घर आवै तब जान। प्र.म. ने अपने संबोधन में कबीरदास के इस दोहे का जिक्र करते हुए समझाया कि पकी हुई फसल देखकर ही अति आत्मविश्वास से भर जाते हैं कि अब तो काम हो गया। लेकिन जब तक सफलता पूरी ना मिल जाए, लापरवाही नहीं करनी चाहिए। जब तक इस महामारी की वैक्सीन नहीं आ जाती, हमें अपनी इस लड़ाई को कमजोर नहीं पडऩे देना है।

रिपु रूज पावक पाप प्रभु अहि गनिअ न छोट करि।
रामचरितमानस में बहुत शिक्षाप्रद बातें हैं। साथ-साथ अनेक प्रकार की चेतावनियां भी हैं। कोरोना संक्रमण के संदर्भ में इसका अर्थ समझाते हुए प्र.म. ने कहा आग, रोग, शत्रु, बीमारी को छोटा कभी नहीं समझना चाहिए। कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

‘लॉकडाउन ही खत्म हुआ, अभी वायरस नहीं गया’

प्र.म. मोदी ने कहा कि त्योहारों में बाजारों में रौनक देखी जा रही है। याद रखिए अभी लॉकडाउन ही खत्म हुआ है लेकिन अभी वायरस नहीं गया। प्र.म. मोदी ने कहा कि बरसों बाद हम ऐसा होता देख रहे हैं कि मानवता को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। अनेक देश इसके लिए काम कर रहे हैं। हमारे देश के वैज्ञानिक भी वैक्सीन के लिए जी-जान से जुटे हैं। भारत में अभी कोरोना की कई वैक्सीन्स पर काम चल रहा है।

‘लापरवाही बरतना ठीक नहीं’

सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर्स, नर्स, हेल्थ वर्कर्स इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है। ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया, या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है। हाल के दिनों में हम सबने बहुत सी तस्वीरें, वीडियो देखे हैं, जिनमें साफ दिखता है कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है। ये ठीक नहीं है।


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