मूसलाधार मावठ से जनजीवन ठप- उदयपुर संभाग में लगातार 48 घंटे से बारिश

मूसलाधार मावठ से जनजीवन ठप- उदयपुर संभाग में लगातार 48 घंटे से बारिश
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नगर संवाददाता . उदयपुर। उदयपुर संभाग में मावठ के बादलों ने ऐसा मूसलाधार पानी बरसाया कि जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। गुरुवार अलसुबह शुरू हुई बारिश का दौर शुक्रवार को देर रात तक जारी रहा। पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए व बारिश ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। इतनी मूसलाधार बारिश हुई कि अधिकतर क्षेत्रों में 24 घंटों में पांच इंच पानी बरस गया। सावन में भी जितनी बरसात नहीं हुई उतनी मावठ की बारिश कर गई। गुरुवार सुबह 8 बजे से शुक्रवार सुबह 8 बजे के बीच उदयपुर शहर में 48 एमएम बरसात दर्ज की गई। पूरे मानसून में इस बार 24 घंटे में शहर में इतनी बारिश नहीं हुई। सलूम्बर में 102 एमएम, झाड़ोल में 92 एमएम, लसाडिय़ा में 88 एमएम, सराड़ा में 67, कानोड़ में 63, सेमारी में 62, कोटड़ा में 57, गोगुंदा और भींडर में 51, वल्लभनगर में 48, ऋषभदेव में 31 और बडग़ांव में 30 एमएम बरसात हुई थी।

इधर, भारी बरसात से उदयसागर के दो गेट 6-6 इंच खोले गए तो उदयपुर शहर में हो आयड़ नदी में बहाव तेज हो गया। 24 फीट की क्षमता वाला उदयसागर नवंबर में पहली बार छलका है। दोपहर में मदार बड़ा भी छलक गया व पानी फतहसागर की ओर आने लगा जो अब मात्र दो इंच खाली रह गया है व जल स्तर 12 फीट 2 इंच हो गया है। सीसारमा नदी में भी पानी की आवक हो रही है। इधर, फतहनगर मंडी, निम्बाहेड़ा मंडी सहित अन्य मंडियों में प्लेटफार्म पर रखा अनाज भीग जाने से किसानों को परेशानी हुई।

शादियों में खलल, वेन्यू बदले

खराब मौसम का सबसे बड़ा असर वैमानिकी क्षेत्र तथा सावों पर पड़ा। उदयपुर आने वाली फ्लाइट्स को डायवर्ट या रद्द करने से शाही शादियों का मजा फीका हो गया तो शहर के अन्य सावों वाले गार्डन में भी पानी भर जाने से वेन्यू बदलने पड़े जिससे आपाधापी व परेशानी हुई। कई लोगों ने वाट्सएप पर संदेश भेज कर क्षमा मांगते हुए कार्यक्रमों को निरस्त करने की सूचना दी। राजसमंद में 18 नवंबर को 11 एम बारिश हुई जबकि 19 नवंबर सुबह तक 35 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में अधिकतम तापमान 20 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम 15 डिग्री दर्ज किया गया। चित्तौडग़ढ़ में भी कई जगह तीन इंच से ज्यादा बारिश हुई।


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