बिहार चुनाव से पहले बाहर आना चाहते थे लालू – हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर टाली सुनवाई

बिहार चुनाव से पहले बाहर आना चाहते थे लालू
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पटना (एजेंसी)। बिहार विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी चुनाव से पहले जेल से बाहर आना चाहते हैं। इसके लिए लालू ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी लेकिन कोर्ट ने इसे टालते हुए अगली तारीख 11 सितंबर निर्धारित की है।

मामला चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा है। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से सुनाई गई सजा की आधी से ज्यादा अवधि लालू पूरी कर चुके हैं। अदालत ने लालू को 5 साल की सजा दी थी। याचिका में खराब स्वास्थ का हवाला देते हुए जमानत देने का आग्रह किया गया था। याचिका में कहा गया है कि लालू यादव डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, क्रॉनिक किडनी डिजीज, हाइपर यूरिसिमिया, किडनी स्टोन, फैटी हेपेटाइसिस और प्रोस्टेट जैसी बीमारियों से जूझ रहे है। जिसकी वजह से उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है।

जज अपरेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से बताया गया कि उनके वकील बीमार हैं, इसलिए उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सुनवाई टाल दी जाये और अगली तारीख दी जाये। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू यादव की अर्जी काफी अहम है। पिछले दिनों ही लालू प्रसाद ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया है। इससे पहले, उन्हें चारा घोटाला के तीन मामलों में जमानत दी गई थी।

लालू यादव को देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जुलाई 2019 में जमानत मिल चुकी है। वहीं दुमका कोषागार मामले में लालू की तीन बार जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। तीनों ही बार लालू ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत मांगी थी। उन्हें चारा घोटाला के देवघर ट्रेजरी केस में 23 दिसम्बर 2017 को दोषी करार दिया था। तब से वह जेल में है। फिलहाल लालू रिम्स डायरेक्टर के बंगले में इलाजरत हैं। पिछले दिनों कोरोना संक्रमण को देखते हुए उन्हें रिम्स के पेइंग वार्ड से रिम्स डायरेक्टर के बंगले में शिफ्ट किया गया था।


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