चारा घोटाले के 5वें केस में भी लालू दोषी, डोरंडा ट्रेजरी घोटाले में हिरासत में लेकर रीम्स भेजे गए लालू, सजा का ऐलान 21 को

Lalu guilty in the fifth case of fodder scam, Lalu sent to Reims in custody in Doranda treasury scam, sentence announced on 21
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रांची/पटना (एजेंसी)। लालू यादव पटना के बेऊर जेल से 9 जनवरी 1999 को जब जमानत पर निकले तो हाथी पर बैठकर अपने निवास स्थान पहुंचे थे। वहीं, जनवरी 2021 में जेल के दौरान जब रांची रिम्स से दिल्ली एम्स रेफर गए थे व्हील चेयर पर। अब अधिकतर टाइम व्हील चेयर पर दिखते हैं।

950 करोड़ रूपए के देश के बहुचर्चित चारा घोटाले के सबसे बड़े (डोरंडा ट्रेजरी से 139.35 करोड़ रूपए के गबन) केस में मंगलवार को फैसला आ गया। सीबीआई की विशेष अदालत ने राजद सुप्रीमो लालू यादव सहित 75 आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं, 24 लोगों को बरी कर दिया। सजा का ऐलान 21 फरवरी को होगा। राजद सुप्रीमो को कोर्ट की ओर से दोषी करार देते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद उनके वकील के अनुरोध पर उन्हें जेल न भेजकर रीम्स में भेजा गया। लालू कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए कोर्ट से होटवार जेल गए फिर वहां से रिम्स चले गए। 21 फरवरी तक वह यहीं रहेंगे।

जैसे ही राजद सुप्रीमो के दोषी करार देने की सूचना बाहर आई पटना से लेकर रांची तक उनके समर्थकों में मायूसी छा गई। कोर्ट परिसर राजद नेताओं से पटा है। पुलिस का पहरा सख्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है मंगलवार को कोर्ट ने 3 साल से कम वालों को सजा सुनाया है। लालू सहित 10 लोगों की सजा अलग से सुनाई जाएगी। ऐसे में यह माना जा रहा है लालू को 3 साल से अधिक की सजा हो सकती है। हाईकोर्ट के सीनियर वकील राजनीति प्रसाद ने बताया, लालू यादव के क्वेश्चन ऑफ सेंटेंस पर 21 फरवरी को फैसला होगा। मेडिकल टर्म पर उन्हें रिम्स शिफ्ट करने की बात हो रही है।

बता दें, इससे पहले चारा घोटाले के 4 मामले (देवघर के एक, दुमका ट्रेजरी के दो अलग-अलग और चाईबासा ट्रेजरी से संबंधित दो मामलों में) लालू दोषी करार दिए जा चुके हैं। अभी पहले के सभी मामलों में जमानत पर बाहर थे, लेकिन मंगलवार को कोर्ट के आए फैसले से उन्हें एक बार फिर जेल जाना होगा।

29 जनवरी को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके शशि की अदालत ने बहस पूरी होने के बाद 15 फरवरी को फैसले की तारीख निर्धारित की थी। सभी आरोपियों को कोर्ट में स्वयं हाजिर होने का आदेश दिया था। सुनवाई में उपस्थित रहने के लिए लालू 2 दिन पहले 13 फरवरी को ही रांची पहुंच गए थे।

कोर्ट में सुनवाई से पहले लालू के वकील प्रभात कुमार ने कहा था, अभियुक्तों की उम्र 75 वर्ष से अधिक है। लालू यादव जेल जाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में कोर्ट से राहत की उम्मीद है। पहले वाले केस में स्थितियां अलग थीं, आज अलग हैं।

इधर, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी के आवास में हैं। लालू प्रसाद यादव की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी पटना में ही हैं। लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती रांची में अपने पति के साथ हैं।


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