रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ कुंभलगढ़ फेस्ट का समापन, हजारों पर्यटकों ने निहारा कुंभा का दुर्ग

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कुंभलगढ़ (प्रात:काल संवाददाता)। स्थापत्य एवं संगीत कला प्रेमी महाराणा कुंभा के गढ़ में 15 कुंभलगढ़ फेस्टिवल का रंगारंग समापन शुक्रवार को हजारों पर्यटकों की उपस्थिति में हुआ। इसमें देसी-विदेसी पर्यटकों ने कलाकारों के साथ खूब मौज मस्ती की। फेस्टिवल के तीसरे व अंतिम दिन शुक्रवार दोपहर को सभी लोक कलाकारों के सामूहिक पेशकश एवम शाम को अनवर खान मांगणियार की राजस्थानी लोकगीतों की आकर्षक प्रस्तुतियों के साथ तीन दिवसीय फेस्टिवल का समापन हो गया। तीनों दिन यज्ञ वेदी परिसर में राजस्थान के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों ने कई कर्णप्रिय एवं नयनाभिराम प्रस्तुतियां दी। जिनके साथ दुर्ग पर पहुंचे देसी विदेशी पर्यटकों ने भी खूब आनंद लिया।

कार्यक्रमों में मुख्य रूप से जोधपुर से पहुंचे गौतम एण्ड पार्टी की ओर से राजस्थानी घूमर नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा। इसके अलावा बाडमेर से आए पारसनाथ एण्ड पार्टी ने लाल आंगी गैर से पर्यटकों की खूब तालियां बटोरी। जैसलमेर से आए लंगा पार्टी जस्सुखान एण्ड पार्टी, जोधपुर से आए करूणा एण्ड पार्टी,  चूरू से आए गोपाल ने होली के अवसर पर किया जाने वाला आकर्षक चंग नृत्य की प्रस्तुती, शाहबाद से आए गोपाल धानुका एण्ड पार्टी ने सहरिया नृत्य, बाडमेर से आए तगाराम ने सफेदआंगी गैर, बारा से आए शिवराम ने चकरी नृत्य, जयपुर से आए बनवारी लाल ने कच्छी घोड़ी नृत्य एवं स्थानीय कलाकार जीवनदास ने तेराताली तृत्य की जोरदार प्रस्तुतियों से खुब तालिया बटोरी जब की भाबरू जयपुर से आए बेरूपिया मेहबूब एवं गुलजार ने अलग अलग भेष बनाकर पर्यटकों का खुब मनोरंजन किया। इसके अलावा साफा बांधो प्रतियोगिता, रस्साकशी, कुर्सी रेस, मेंहदी मांडणा एवं रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। जिसमें विजेता रहे प्रतिभागियों को पर्यटन विभाग की ओर से पुरूष्कृत किया गया।


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