किसान मोर्चा माना लेकिन किसान यूनियन ने नहीं टाला संसद ट्रैक्टर मार्च

किसान मोर्चा माना लेकिन किसान यूनियन ने नहीं टाला संसद ट्रैक्टर मार्च
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टिकैत ने रोजाना 500 लोगों को गाजीपुर बॉर्डर बुलाया

मेरठ (एजेंसी)। केन्द्र सरकार की ओर से कृषि कानून वापसी के बाद भी किसानों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। 29 नवंबर को संसद में प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को संयुक्त किसान मोर्चा ने फिलहाल टाल दिया है, लेकिन भाकियू अभी भी संसद में ट्रैक्टर मार्च निकालने पर अड़ी है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान किसानों और समर्थकों से रोजाना 30 ट्रैक्टर और 500 लोगों को गाजीपुर सीमा पर भेजने का आह्वान किया है। ये किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने की गारंटी सहित किसानों की मांगों को उठाने के लिए संसद में प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च में शामिल होंगे। टिकैत ने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला था और इसलिए उन्होंने संघ के पदाधिकारियों और किसानों को संसद तक मार्च में भाग लेने के लिए हर दिन 30 ट्रैक्टर और 500 लोगों को गाजीपुर सीमा पर भेजने को कहा है।

वहीं दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा के ऐलान किया है कि 29 नवंर को संसद में प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली नहीं की जाएगी लेकिन बगैर एमएसपी के हम पीछे नहीं हटेंगे। 4 दिंसबर को फिर किसान बैठक करेंगे। शनिवार को दिल्ली में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा कि किसानों ने बैठक के बाद ये फैसला लिया है कि संयुक्त किसान मोर्चा 29 नवंबर को संसद में प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली नहीं करेगा। हालांकि किसानों ने चेतावनी दी, बगैर एमएसपी के मोर्चा वापस नहीं जाएगा। इसके अलावा किसान शहीद हुए हैं, लखीमपुर खीरी मामले में किसान जेल भेजे जा रहे हैं। आज जो सरकार ने घोषणाएं की हम उससे सहमत नहीं है। सरकार हमारे साथ मंच साझा कर मामले पर वार्ता करे। लेकिन अगर 4 दिसंबर तक कोई फैसला नहीं हुआ तो हम आगे की रणनीति तय करेंगे।


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