एफआईआर दर्ज होते ही अंडरग्राउंड हुए खान सर

Share

पटना (एजेंसी)। रेलवे ग्रुप डी परीक्षा को लेकर हुए हंगामे और बवाल के बाद एफआईआर दर्ज होते ही पटना के चर्चित खान सर अंडरग्राउंड हो गए हैं। उन्होंने अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया है। सूत्रों की मानें तो वे अधिवक्ताओं से सलाह-मशवरा कर रहे हैं। वे समझ रहे हैं कि किन धाराओं के तहत दर्ज की गई है प्राथामिकी और इसके क्या नतीजे हो सकते हैं। इन चीजों को समझने के बाद वे न्यायालय में अपील कर सकते हैं।

बता दें कि बिहार में आरआरबी की एनटीपीसी परीक्षा के रिजल्ट को लेकर हंगामा-प्रदर्शन हो रहा है। इस मामले में पटना के पत्रकार नगर थाने में चर्चित कोचिंग संचालक और यूट्यूबर खान सर समेत विभिन्न तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षकों पर केस दर्ज किया गया है। भड़काऊ भाषण देने और छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के अलावा दूसरे शिक्षकों पर भी केस दर्ज किया गया है। 24 जनवरी को राजधानी पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर हंगामा करते हुए छात्रों के पकड़े जाने के बाद उनके बयान पर खान सर समेत दूसरे शिक्षकों और 300 से 400 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

वैसे बुधवार की शाम को खान सर ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि मंगलवार की रात से पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लगातार समझाने बुझाने में लगे हैं। खान सर ने दावा किया कि छात्रों का प्रदर्शन पटना में बंद हो गया है। खान सर ने गया और जहानाबाद में छात्रों का विरोध जारी रहने को गलत बताया था। खान सर ने कहा कि जहां-जहां छात्र उपद्रव कर रहे हैं, वहां के शिक्षकों को आगे आकर ऐसे छात्रों को समझाने बुझाने की कोशिश करनी चाहिए। खान सर ने माना कि पटना से हर स्टूडेंट से संवाद स्थापित नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें कंट्रोल में लाया जा सकता है। खान सर ने यह भी कहा कि पूरी की पूरी गलती आरआरबी की है। एनटीपीसी के छात्र अपने लिए कुछ बेहतर होने का इंतजार कर रहे थे। तभी 40 घंटे पहले ग्रुप डी के छात्रों के लिए डबल एग्जाम लेने का फैसला ले लिया गया।

खान सर की मानें, तो मामला आगे नहीं बढ़ता अगर छात्रों में भी कोई उनका एक नेता होता जो पूरे आंदोलन का नेतृत्व करता। इस प्रदर्शन में छात्रों का कोई लीडर नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। खान सर के मुताबिक, स्टूडेंट्स की मांग रेलवे को पहले ही मांग लेनी चाहिए थी।


Share