केजरीवाल खालिस्तान समर्थक : कुमार विश्वास ‘ये आदमी सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकता’, मुझसे कहा था कि पंजाब का सीएम नहीं बना तो इस आजाद सूबे का पहला प्र.म. बनूंगा

Kejriwal supporter of Khalistan: Kumar Vishwas 'this man can go to any extent for power', told me that if he does not become the CM of Punjab, then the first PM of this independent state. will be
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नई दिल्ली (एजेंसी)। पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 3 दिन बाद मतदान होना है। इसके लिए भाजपा, कांग्रेस, आज और अकाली दल जैसी मुख्य पार्टियां पूरे दम-खम से मैदान में हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने दिल्ली सीएम  अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाया है। कवि कुमार विश्वास ने कहा कि अरविंद केजरीवाल खालिस्तान समर्थक है, वो आदमी सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। कुमार विश्वास ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल हमेशा से ही खालिस्तान के समर्थन में रहे हैं। जब मैं उनके साथ था तो वह मुझे अपनी योजनाओं के बारे में बताते रहते थे। एक दिन उन्होंने मुझसे कहा- मैं या तो पंजाब राज्य का सीएम बनूंगा या फिर आजाद राष्ट्र का पहला प्र.म. बनूंगा।

अलगाववादियों के समर्थन से केजरीवाल को परहेज नहीं

पूर्व आप नेता ने कहा कि केजरीवाल को अलगाववादियों की मदद लेने में भी कोई परहेज नहीं है। जहां तक पंजाब की बात है तो यह कोई राज्य नहीं है, पंजाब एक भावना है। पूरी दुनिया में पंजाबियत एक भावना है। ऐसे में एक ऐसा आदमी जिसे एक समय मैंने ये तक कहा था कि अलगाववादियों का साथ नहीं लीजिए, तो उन्होंने कहा था कि नहीं-नहीं हो जाएगा।

राहुल गांधी ने भी केजरीवाल पर लगाए थे आरोप

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी केजरीवाल पर इसी तरह के आरोप लगाए थे। पंजाब में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा था, पंजाब को चाहिए स्थिर सरकार मैं चाहता हूं कि आप याद रखें कि चाहे कुछ भी हो जाए, आपको एक आतंकवादी के घर में कांग्रेस का नेता नहीं मिलेगा, लेकिन झाड़ू के सबसे बड़े नेता (अरविंद केजरीवाल) वहां मिलते हैं। पंजाब के सामने खतरा है। जिसके लिए चरणजीत चन्नी जैसे मजबूत सीएम की जरूरत है।

कभी साथी हुआ करते थे केजरीवाल और विश्वास : उल्लेखनीय है कि 2012 में भष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए अन्ना आंदोलन के दौरान कवि कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल करीब आए थे। अन्ना आंदोलन के खत्म होने के बाद जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ तो कुमार विश्वास भी संस्थापक सदस्यों में शुमार थे। पार्टी के गठन के बाद केजरीवाल और कुमार विश्वास की दोस्ती परवान चढ़ी। हालांकि दिल्ली की सत्ता में आप की सरकार बनने के बाद कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल के रिश्ते खराब होने लगे।

इतना ही नहीं कुछ वक्त बाद ही कुमार विश्वास ने उन्होंने आम आदमी पार्टी से पूरी तरह से दूरी बना ली। केजरीवाल के मतभेदों के चलते आप से दूरी बनाने वाले कुमार विश्वास पिछले कई सालों से आम आदमी पार्टी सरकार की कई नीतियों के आलोचना करते रहे हैं।


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