केजरीवाल-सिसोदिया पर 500 करोड़ रिश्वतखोरी का आरोप : शराब के ठेके बांटने को लेकर कुमार विश्वास का ट्वीट, कहा- साले ने कराई डील

Kejriwal-Sisodia accused of bribery of 500 crores: Kumar Vishwas's tweet regarding distribution of liquor contracts, said- brother-in-law got the deal done
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नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार की तरफ से लागू नई शराब पॉलिसी विवाद में घिर गई है। केजरीवाल के पुराने साथी और जाने-माने कवि कुमार विश्वास ने इस पॉलिसी को लागू करने पीछे रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है। विश्वास ने सोशल मीडिया पर कहा है कि नई पॉलिसी के तहत शराब के ठेके बांटने के लिए 500 करोड़ रूपए की रिश्वत ली गई है।

‘छोटे’ के साले ने कराई 500 करोड़ की डील : कुमार विश्वास ने सोमवार को सोशल मीडिया पर नई शराब पॉलिसी से जुड़ी एक खबर रिट्वीट करते हुए पोस्ट लिखी। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, पीनेवालों की उम्र 21 से (घटाकर) 18 (वर्ष) करने और 1000 नए ठेके खुलवाने की पॉलिसी लागू करने की सिफारिश लेकर 2016 में दिल्ली शराब माफिया, दारू जमाखोर विधायक के साथ मेरे पास आया था। विश्वास ने आगे लिखा, मैंने दुत्कार कर भगाया था और दोनों नेताओं को चेताया था। अब छोटे वाले के साले ने 500 करोड़ की डील में मामला सेट कर लिया। विश्वास के करीबी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अपने पोस्ट में दोनों नेताओं शब्द दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के लिए इस्तेमाल किया है। साथ ही छोटे वाले लिखकर उन्होंने सिसोदिया की तरफ ही इशारा किया है।

दिल्ली में नई पॉलिसी में खुली हैं 849 शराब की दुकानें : दिल्ली सरकार ने नई शराब पॉलिसी में सरकारी ठेकों के बजाय निजी वाइन शॉप्स को बढ़ावा दिया है। इस पॉलिसी के तहत दिल्ली में 849 शराब की दुकानें खोली गई हैं। नई पॉलिसी में हर वार्ड में 3 शराब की दुकान खोलने का लाइसेंस दिया गया है। साथ ही शराब पीने की उम्र भी 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी है।

इस नई पॉलिसी का दिल्ली में विपक्ष में बैठी भाजपा भी विरोध कर रही है।

भाजपा ने साल के पहले दिन दिल्ली में इसके खिलाफ बड़ा प्रदर्शन भी किया था। भाजपा नेताओं ने केजरीवाल पर 2000 करोड़ रूपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि एकतरफ केजरीवाल पंजाब जाकर शराबबंदी करने का वादा कर रहे हैं, वहीं इसके उलट दिल्ली में शराबखोरी को बढ़ावा दे रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य थे कुमार विश्वास

कुमार विश्वास पहले अरविंद केजरीवाल के ही साथ थे। साल 2011 में दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के आंदोलन को आयोजित करने के पीछे केजरीवाल के साथ कुमार विश्वास ही प्रमुख सूत्रधार थे।

बाद में वह आम आदमी पार्टी (आप) के संस्थापक सदस्य भी बने। हालांकि दिल्ली में आप की सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद उन्होंने वैचारिक मतभेद के चलते केजरीवाल का साथ छोड़ दिया था।


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