केदारनाथ धाम के कपाट खुले, 6 माह तक भक्तों को दर्शन देंगे बाबा केदार

Kedarnath Dham's doors open, Baba Kedar will give darshan to devotees for 6 months
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श्रीकेदारनाथ धाम (एजेंसी)। देवभूमि  उत्तराखण्ड स्थित भगवान शंकर के पांचवें ज्योतिर्लिंग के रूप में विश्व विख्यात बाबा केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार प्रात: शुभ मुहूर्त में 6 बजकर 26 मिनट पर खोल दिए गए। सुंदर पुष्प मालाओं से सजे धाम में पहली पूजा  मुख्यमंत्री पुष्कर ङ्क्षसह धामी की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  की ओर से की गई। अब ग्रीष्मकाल के लिये छह माह तक यहीं बाबा  केदारनाथ के दर्शन हो सकेंगे।

प्रात: लगभग 4 बजे से  ही धाम में जय बाबा केदार के उद्घोष लगने शुरू हो गये। वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि विधान से बाबा केदार की उत्सव डोली पर मुख्य पुजारी ने भोग लगाया और नियमित पूजाएं कीं। जिसके बाद डोली को सजाया गया। केदारनाथ रावल भीमाशंकर ङ्क्षलग, वेदपाठियों, पुजारियों, हक्क हकूकधारियों की मौजूदगी में कपाट पर  वैदिक परंपराओं के अनुसार मंत्रोच्चारण के साथ 6 बजकर 26 मिनट पर कपाट  खोले गए और डोली को मंदिर में प्रविष्ट किया गया। इससे  पहले, पुजारियों व वेदपाठियों ने गर्भगृह में साफ सफाई की और भोग लगाया। इसके बाद मंदिर के अंदर पूजा-अर्चना की गई। सेना की बैंड की धुनों के साथ पूरा केदारनाथ भोले बाबा के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इस दौरान  केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर ङ्क्षलग और मुख्यमंत्री पुष्कर ङ्क्षसह धामी सहित बदरीनाथ-केदारनाथ मन्दिर समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।

गौरीकुंड से केदारनाथ जाने की अनुमति मिली

शुक्रवार को केदारनाथ धाम की व्यवस्था काफी बेहतर नजर आई। जैसे जैसे लोग दर्शन करके लौट रहे थे, वैसे-वैसे गौरीकुंड से हजारों की संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम की तरफ भेजे जाने लगे। भक्तों ने यहां से करीब 21 किलोमीटर की दूरी पैदल, घोड़े या पिट्ठू से पूरी की। व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों का भी कहना था कि अब सारी चीजें सामान्य हो चुकी हैं। श्रद्धालु भी अपनी बारी आने पर आराम से बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं। गौरतलब है कि गुरुवार को क्षमता से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने से धाम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, जिसके बाद हजारों श्रद्धालुओं को गौरीकुंड पर रोक दिया गया था।


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