सदन में भिड़े कटारिया-खाचरियावास फिर मंत्री धारीवाल के बर्ताव से नाराज हुए स्पीकर

सदन में भिड़े कटारिया-खाचरियावास फिर मंत्री धारीवाल के बर्ताव से नाराज हुए स्पीकर
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। विधानसभा में आज विपक्ष का हंगामा शांत होने के बाद ससंदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी में भिडंत हो गई। धारीवाल अध्यक्ष के सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने के आदेश देने के बाद बोलना चाहते थे लेकिन स्पीकर ने अनुमति नहीं दी।

मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के भिडऩे से सदन में हुए हंगामे के कारण दो बार पहले विधानसभा की कार्यवाही स्थगित हो चुकी थी। छह बजे जब फिर से कार्यवाही शुरू हुई तो स्पीकर ने कहा कि पहले जो हुआ उसे भूलिए और आगे बढि़ए।

स्पीकर सीपी जोशी ने साफ कहा कि अब आगे की कार्यवाही चलेगी और किसी को पुराने मुद्दे पर बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जोशी सीट से खड़े हो गए और धारीवाल को साफ चेतावनी दी। इसके बावजूद धाीवाल बोलते रहे तो नाराज जोशी ने कहा— आप दूसरा अध्क्ष चुन लीजिए, आप इस तरह अध्यक्ष को डिक्टेट नहीं कर सकते, आप सदन नहीं चलाना चाहते तो अभी स्थगित कर देता हूं। धारीवाल इस पर भी बोलने से नहीं रूके तो नाराज स्पीकर ने विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

खाचरियावास से भिडऩे के बाद भाजपा विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की

हंगामे की शुरूआत खाचरियावास के रोडवेज बिना टिकट यात्रा निवारण संशोधन बिल पर बहस के जवाब के दौरान हुई। खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाने शुरू किए। साथ ही कहा कि भाजपा राज में रोडवेज बंद करने की तैयारी थी। खाचरियावास ने कहा कि ज्यादातर वक्ताओं ने बिल पर बोलने की जगह बेवजह के सवाल उठाए। गहलोत सरकार पर सवाल उठाना पाप के समान है। इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कड़ी आपत्ति जताई। इस पर कटारिया और खाचरियावास के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।

खाचरियावास बोले- भाजपा राज में ऊंटों के इंजेक्शन आदमियों के लगा दिए थे

खाचरियावास ने कहा- पिछली सरकार रोडवेज को बंद करने की तैयारी में थी। लोक परिवहन बस का परमिट नहीं दिया। भाजपा राज में राजेंद्र राठौड़ स्वास्थ्य मंत्री थे। ऊंटों के इंजेक्शन आदमियों को लगा दिए थे। आप अब सवाल उठा रहे हो। हमने तो आते ही 900 बसें नई खरीदी।

कटारिया से भिडऩे पर भाजपा के अन्य विधायकों ने भी आपत्ति की और नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढऩे पर सभापति ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। नाराज भाजपा विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी और हंगामा किया। दूसरी बार सदन की कार्यवाही शुरू होने पर हंगामे के बीच ही रोडवेज में बिना टिकट यात्रा करने पर 10 गुना जुर्माना बढ़ाने वाला बिल पारित किया गया।


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