गांधी परिवार पर हमले पर घिरे कपिल सिब्बल, ‘आरएसएस की भाषा बोल रहे हैं सिब्बल’, गहलोत बोले- ‘नहीं जानते कांग्रेस की एबीसीडी, फ्रस्टेशन में करते हैं बात’

Kapil Sibal surrounded by attack on Gandhi family, 'Sibal is speaking the language of RSS', Gehlot said - 'Don't know ABCD of Congress, talk in frustration'
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नई दिल्ली/जयपुर (एजेंसी)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को अपने सहयोगी कपिल सिब्बल पर पार्टी के ‘खिलाफ’ बोलने को लेकर पलटवार किया। यही नहीं सिब्बल की टिप्पणी के लिए उन पर भाजपा और आरएसएस की भाषा बोलने का आरोप लगाया। दरअसल हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर की आंतरिक कलह पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के उस बयान से एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है जिसमें उन्होंने कहा है कि गांधी परिवार को नेतृत्व छोड़कर किसी दूसरे नेता को मौका देना चाहिए।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें करारा जवाब दिया है। मीडिया से बातचीत में मंगलवार को सीएम गहलोत ने कपिल सिब्बल को लेकर बड़ा बयान दिया। गहलोत ने कहा कि कपिल सिब्बल देश के बड़े और जाने-माने वकील हैं लेकिन वो कांग्रेस संस्कृति के व्यक्ति नहीं है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कांग्रेस में उनकी एंट्री हो गई लेकिन वो कांग्रेस के संस्कार-संस्कृति नहीं समझते हैं। कांग्रेस की संस्कृति में संघर्ष के बाद पद मिलता है लेकिन सोनिया गांधी के आशीर्वाद और राहुल गांधी के सहयोग से कपिल सिब्बल को बहुत चांस मिले। पार्टी ने उन्हें केन्द्रीय मंत्री बनाया और पार्टी के प्रवक्ता भी रहे. अब जबकि पार्टी का बुरा दौर चल रहा है तो उनके मूंह से ऐसे अल्फाज निकलना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि कपिल सिब्बल को कांग्रेस की एबीसीडी भी पता नहीं है। वो पता नहीं क्यों कांग्रेस का इतिहास भूल जाते हैं

गांधी परिवार ही रख सकता एकजुट

गांधी परिवार की तरफदारी करते हुए गहलोत ने कहा कि पिछले 30 साल में गांधी परिवार का कोई भी व्यक्ति मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री जैसे पदों पर नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि कांग्रेस को गांधी परिवार ही एकजुट रख सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पता नहीं क्यों कपिल सिब्बल फ्रस्टेशन में बात करते हैं।

5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों पर सीएम गहलोत ने कहा कि पंजाब में पार्टी एकजुट नहीं रही और आपसी झगड़े हावी रहे इसलिए सत्ता में नहीं आ पाई। गहलोत ने एक बार फिर कहा कि देश और कांग्रेस का डीएनए एक है। पार्टी भले ही बुरे दौर से गुजर रही हो लेकिन एक बार फिर से उठ खड़ी होगी। उन्होंने एक बार फिर पीएम मोदी-शाह की जोड़ी पर हमला बोला। साथ ही कहा कि नौजवानों को देश के माहौल को समझने की जरूरत है।

राहुल गांधी के कट्टर वफादार माने जाने वाले मनिकम टैगोर ने कहा कि आरएसएस और भाजपा चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी को खत्म करने और भारत के विचार को नष्ट करने के लिए गांधी नेतृत्व की स्थिति से बाहर हो जाएं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता सिब्बल ने अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए साक्षात्कार में कहा है कि गांधी परिवार को कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व से अलग होना चाहिए और किसी अन्य को मौका देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह ‘घर की कांग्रेस’ नहीं, बल्कि ‘सबकी कांग्रेस’ चाहते हैं।

लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर ने सिब्बल की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, आरएसएस और भाजपा क्यों चाहते हैं कि नेहरू-गांधी नेतृत्व से अलग हो? क्योंकि गांधी परिवार के नेतृत्व के बिना कांग्रेस, जनता पार्टी बन जाएगी। इस तरह से कांग्रेस को खत्म करना आसान होगा और फिर से आइडिया ऑफ इंडिया (भारत के विचार) को खत्म करना आसान होगा। कपिल सिब्बल यह जानते हैं, लेकिन वह आरएसएस/भाजपा की भाषा क्यों बोल रहे हैं?

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सिब्बल पर प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे नेताओं को पार्टी के मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ रोजाना बयानबाजी करने की बजाय अध्यक्ष पद का चुनाव लडऩा चाहिए। खेड़ा ने कहा, कपिल सिब्बल, डॉक्टर हर्षवर्धन (भाजपा नेता) ने आपसे नहीं कहा था कि चांदनी चौक से अलग हो जाइए। वह चुनाव लड़े और आपको पराजित किया। जो लोग कांग्रेस का नेतृत्व करना चाहते हैं वह मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ रोजाना बोलने की बजाय पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव लडऩे के लिए स्वतंत्र हैं।


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