कन्हैयालाल हत्याकांड: चश्मदीद गवाह राजकुमार को ब्रेन हैमरेज, सरकार ने ग्रीन कोरिडोर बना जयपुर से भेजी चिकित्सकों की टीम

Kanhaiyalal murder case: Eyewitness Rajkumar suffers brain haemorrhage
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प्रभारी मंत्री रामलाल जाट और जिला कलेक्टर पहुंचे चिकित्सालय | पुलिस ने वार्ड में बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था | पत्नी ने सरकार से की बच्चों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग

नगर संवाददाता . उदयपुर। बहुचर्चित कन्हैयालाल की निर्मम हत्याकांड के चश्मदीद गवाह राजकुमार शर्मा को ब्रेन हेमरेज हो गया है, जिस पर राजकुमार को गंभीरावस्था में आईसीयू में भर्ती करवाया गया है। राजकुुमार की हालत जानने के लिए सोमवार को प्रभारी मंत्री रामलाल जाट और जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा भी चिकित्सालय पहुंचे और चिकित्सकों से जानकारी ली। इधर राजकुमार के उपचार के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर जयपुर ेसे स्पेशलिस्ट चिकित्सकों को ग्रीन कोरिडोर बनाकर उदयपुर भेजा है, जिन्होंने राजकुमार का उपचार शुरू किया। इधर राजकुमार शर्मा की पत्नी ने बताया कि कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद से ही राजकुमार डिप्रेशन में थे। राजकुमार की पत्नी ने सरकार से अपने बच्चों के लिए सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

बहुचर्चित कन्हैयालाल साहू हत्याकांड के चश्मद्दीद गवाह राजकुमार शर्मा शनिवार को अपने घर में नौकरी जाने के लिए तैयार हो रहे थे कि इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गर्ई और वे नीचे गिर पड़े। इस पर उनकी पत्नी और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल चिकित्सालय लेकर गए, जहां पर उनका उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि राजकुमार शर्मा को ब्रेन हेमरेज हो गया। इस पर उन्हें गहन चिकित्सा ईकाई में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। पिछले दो दिनों से राजकुमार शर्मा का गहन चिकित्सा ईकाई में उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। चिकित्सालय प्रबंधन ने इस बारे में राज्य सरकार को अवगत करवाया तो सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हए एमएसएस चिकित्सालय जयपुर से दो स्पेशलिस्ट चिकित्सक डॉ मनीष अग्रवाल और डॉ राश्मि कटारिया की टीम को ग्रीन कोरिडोर से उदयपुर भेजी है। टीम ने आते ही राजकुमार शर्मा की रिपोर्ट की जांच कर उनका उपचार करना शुरू कर दिया। इधर सोमवार शाम को प्रभारी मंत्री रामलाल जाट और जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा चिकित्सालय पहुँचे और चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन सहित अन्य चिकित्सकों से राजकुमार शर्मा की हालत के बारे में जानकारी प्राप्त की। जयपुर से आए दोनों चिकित्सकों ने स्थानीय चिकित्सकों के साथ मिलकर राजकुमार शर्मा का ऑपरेशन शुरू किया, जो देर रात तक चलता रहा। इधर पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने वार्ड में सुरक्षा और कठोर कर दी।

दो दिनों में हुई स्थिति गंभीर

शनिवार को जब राजकुमार शर्मा को ब्रेन स्टोक हुआ था तो तब उन्हें चिकित्सालय में लाकर भर्ती करवाया गया था। पिछले दो दिनों से चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रख रहे थे, लेकिन दो दिनों में सुधार होने के बजाए स्थिति बिगड़ती चली गई, जिस पर चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। इसी के तहत सीएमओ को बताया गया और सीएमओं के निर्देश पर ग्रीन कोरिडोर के माध्यम से स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की टीम को उदयपुर भेजा।

एयर एम्बुलेंस से कर सकते है रैफर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजकुमार शर्मा के उपचार के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए है, जिसमें यदि आवश्यकता हुई तो राजकुमार को एयर एम्बुलेंस से देश के किसी भी चिकित्सालय में ले जाने तक की स्वीकृति दी है। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां कर ली है।

तीन माह से सदमें में थे, घर चलाना मुश्किल हो रहा था : पुष्पा

कन्हैयालाल हत्याकांड के चश्मद्दीद राजकुमार शर्मा की पत्नी पुष्पा शर्मा ने बताया कि 3 माह से मेरे पति डिप्रेशन में चल रहे थे, पुलिस कस्टडी से परेशान हो गए थे। कहीं पर भी नौकरी नहीं मिल रही थी, घर चलाना तक मुश्किल हो गया था। पांच दिन पूर्व ही 15 हजार रूपए मासिक की नौकरी मिली थी। कन्हैयालाल हत्याकांड की वजह से लगे सदमें से मानसिक तनाव में आ गए थे। पुंलिस ने सुरक्षा उपलब्ध करवाई है, लेकिन उससे काम नहीं चलता है। जो व्यक्ति सुबह 10 बजे से रात्रि को 12 बजे तक काम करता था उसे घर में बंद कर रख दिया था, जिससे वह तनाव में चल रहे थे। वे गवाह होने के साथ-साथ पति और दो बच्चों के पिता भी है। पिछले तीन माह से 5-7 हजार की नौकरी कर रहे थे वह भी पुलिस सुरक्षा के बीच में। हम कन्हैयालाल को न्याय दिलवाना चाहते हे पर सरकार को मेरे बच्चों को भी नौकरी और आर्थिक सहायता देनी चाहिए।

छ: माह में है बेटी की शादी

राजकुमार शर्मा की पत्नी पुष्पा ने बताया कि आगामी छ: माह में उसकी बेटी की शादी है और धीरे-धीरे समय नजदीक आ रहा है, लेकिन नौकरी नहीं होने से राजकुमार शर्मा तनाव में चल रहे थे। कहीं से भी कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। ये ब्रेन हेमरेज इसी का कारण है।


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