कन्हैयालाल हत्याकांड , कानपुर से आया खंजर, उदयपुर में लगाई धार

कन्हैयालाल हत्याकांड , कानपुर से आया खंजर, उदयपुर में लगाई धार
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उदयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की 28 जून को हुई हत्या के बाद लगातार नए खुलासे हो रही है। इसी बीच एक नई अपडेट सामने आई है। बताया जा रहा है कि उदयपुर घटना में हत्यारों ने जिस हथियार (खंजर) का इस्तेमाल किया , उसे कानपुर से लाया गया था। इसके बाद उदयपुर की एक फैक्ट्री में इस खंजर को धार लगाई गई थी। इतना ही नहीं, यह भी जानकारी मिली है कि हथियार को तैयार करने के बाद इसे एक वॉट्सएप ग्रुप पर भी शेयर किया गया था, जिसमें पाकिस्तान के भी कुछ नंबर थे। यानी यह वारदात पूरी तरह सोची समझी साजिश थी।

घटना का पीएफआई कनेक्शन, दंगे भड़काने को थी कोशिश

उदयपुर घटना का कानपुर कनेक्शन सामने आने के बाद यह संदेह भी गहराता जा रहा है कि घटना का मकसद दंगे भड़काना ही था। चूंकि कानपुर हिंसा में पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) का नाम सामने आया था, लिहाजा फिर से कट्टर इस्लामिक संगठन पीएफआई सुर्खियों में है। फिलहाल मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच एजेंसियां जुटी हुई है। बता दें कि पीएफआई एक कट्टर इस्लामिक संगठन है। यह खुद को पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकार के लिए आवाज उठाने वाला बताता है, लेकिन देश के  कई राज्यों में हुए दंगों में इस संगठन का कनेक्शन पाया गया है।

उदयपुर में 40 लोग रडार पर : मीडिया रिपोटर्स से मिली जानकारी के अनुसार उदयपुर में 40 संदिग्ध लोग जांच एजेंसियों की रडार पर है। मामले में राजस्थान एसआईटी और एटीएस के अलावा एनआईए भी जांच में जुटी है। पूरे मामले में आतंकी संगठनों का हाथ होने की बात चूंकि बार बार सामने आ रही है, लिहाजा गंभीरता से इस पूरे मामले को इंवेस्टिगेट किया जा रहा है।


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