झारखंड की माइनिंग सेक्रेटरी पूजा अरेस्ट – 16 घंटे पूछताछ के बाद ईडी का एक्शन

झारखंड की माइनिंग सेक्रेटरी पूजा अरेस्ट
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पटना/ रांची (एजेंसी)। झारखंड की माइनिंग सेक्रेटरी पूजा सिंघल को ईडी ने रांची से बुधवार को अरेस्ट कर लिया। उन्हें खूंटी के मनरेगा घोटाले मामले में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले ईडी ने इस मामले में उनसे दो दिन में लगभग 16 घंटे पूछताछ की। पूछताछ में वो खुद को निर्दोष बताती रहीं, लेकिन उनके खाते में सैलरी से अलग 1.43 करोड़ रुपए की धनराशि कहां से आई, इस बात का जवाब वे नहीं दे पाई। पूजा मंगलवार को 9 घंटे लंबी पूछताछ के बाद बुधवार सुबह 10.45 बजे दोबारा ईडी दफ्तर पहुंची थीं। इस बीच मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन इस मामले पर वह कुछ भी बोलने से बचती रहीं। वहीं, ईडी सूत्रों की माने तो बुधवार को पूजा से उनके सीए के घर मिले 17 करोड़ रुपए और उनके पति के पल्स हॉस्पिटल से संबंधित मामलों में पूछताछ की गई। आय से अधिक संपत्ति मामले में सिंघल की ओर से मंगलवार को कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया था। उनके पति को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है, यह भी अभी ईडी ने स्पष्ट नहीं किया है।

पूछताछ में सिंघल ने उगला मंत्री का नाम : ईडी सूत्रों के अनुसार, दूसरे दिन की पूछताछ में सिंघल ने मनरेगा घोटाले में पूछताछ के दौरान एक मंत्री का नाम लिया है।

ईडी ने मंगलवार को उनकी आमदनी के स्रोतों, मनरेगा घोटाले में भूमिका और बैंक खाते में जमा नकद राशि से संबंधित सवाल पूछे थे।

दो बक्सों में भरकर ईडी दफ्तर लाए गए थे कागज

ईडी की छापेमारी के दौरान जो कागजात जब्त किए गए थे, उन्हें मंगलवार को दो बॉक्स में रांची स्थित कार्यालय लाया गया था। झारखंड के अलावा ईडी ने बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और राजस्थान में भी पूजा से जुड़े 25 ठिकानों पर 6 मई को छापेमारी की थी। उनके ष्ट्र सुमन सिंह के पास से 19.31 करोड़ रुपए कैश मिले थे। इसके बाद ईडी ने सुमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।

अब आगे क्या होगा?

पूजा सिंघल और उनके पति की मेडिकल जांच कराई जाएगी। मेडिकल जांच के बाद स्पेशल क्करूरु्र कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा।

ईडी रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई

झारखंड सरकार पूजा के मामले में ईडी की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के आधार उन पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। एक्सपर्ट की माने तो पूजा सिंघल को सस्पेंड करने के लिए सरकार के पास पर्याप्त आधार हैं। संभवत: कार्मिक विभाग ईडी की रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में कार्रवाई कर सकता है।


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