आईएनएस निपुण और आईएनएस निस्तार लांच, 1971 में ‘गाजी’ को पाताल से खोज निकाला था

INS Nipun and INS Nistar Launch, 'Ghazi' was discovered from Hades in 1971
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विशाखापत्तनम (एजेंसी)। भारतीय नौसेना की ताकत में और इजाफा हुआ है। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरिकुमार ने गुरूवार को विशाखापत्तनम में देश के दो अत्याधुनिक और परिष्कृत स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल्स को लांच किया। ये डीएसवी नौसेना में आईएनएस निपुण और आईएनएस निस्तार के रूप में सेवाएं देंगे। आईएनएस निस्तार ने 1971 की जंग में डुबी पाक पनडुब्बी गाजी को पाताल से खोज निकाला था। इन डीएसवी का मुख्य काम पोतों व पनडुब्बियों का बचाव करना है।

इस मौके पर एडमिरल हरिकुमार ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर यहां आना बहुत गर्व और सौभाग्य की बात है। निस्तार और निपुण की लॉन्चिंग भारत के जहाज निर्माण उद्योग में विशेषज्ञता और अनुभव का युग शुरू होने की तस्दीक करती है। कुछ दिनों पहले हमने कोच्चि में पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत लांच किया था। ये स्वदेशी डीएसवी मिलकर शिप बिल्डर्स नेवी के रूप में हमारे बढ़ते कद की पुष्टि करते हैं। भारतीय नौसेना एक दुर्जेय समुद्री बल है। वह बहुआयामी ऑपरेशन करने में सक्षम है। बता दें, इन दोनों पोतों को हिंदुस्तान शिपयार्ड लि. विशाखापत्तनम ने तैयार किया है।

आईएनएस निस्तार ने अपने पिछले अवतार में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई 1971 की जंग के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। उस वक्त इसे रूस से खरीदा गया था। इसने जंग के दौरान विशाखापत्तनम बंदरगाह के पास डूबी पाकिस्तानी नौसेना की पनडुब्बी गाजी डाइविंग ऑपरेशन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। निस्तार ने समुद्र में डूबी गाजी को खोज लिया था।

‘पुनीत सागर’ अभियान को आगे बढ़ाने पर सहमति : इधर, दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में गुरूवार को एनसीसी और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने ‘पुनीत सागर’ अभियान को आगे बढ़ाने के लिए एक एमओयू का आदान-प्रदान किया। ‘पुनीत सागर’ अभियान समुद्र तटों से प्लास्टिक और अन्य कचरे को साफ करने के लिए एनसीसी का अभियान है।


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