महंगाई की मार, पेट्रोल-डीजल चार दिन में 2.4 रूपये महंगे

Inflation hit, petrol and diesel costlier by Rs 2.4 in four days
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नई दिल्ली (एजेंसी)। शुक्रवार को देश में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम में 80 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। कीमत में वृद्धि के बाद देश की राजधानी में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 97.81 रूपए और डीजल की कीमत 89.07 रूपए हो गई है। यह पिछले चार दिनों में तीसरा मौका है जब देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 22 और 23 मार्च को पेट्रोल-डीजल के दाम 80-80 पैसे बढ़ाए जा चुके हैं। वहीं घरेलू सिलिंडर के दाम 22 मार्च को 50 रूपए बढ़ाए गए थे। आइये जानते हैं अचानक क्यों बढ़ रहे हैं तेल और गैस के दाम :

तेल और गैस की कीमत क्यों बढ़ी ?

भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी तक ईधन विदेशों से आयात करता है कोरोना के दौरान कीमतों में गिरावट के बाद नवंबर 2020 से पूरी दुनिया में तेल और गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। 22 मार्च को 50 रूपए दाम बढऩे के बाद भारत में 14.2 किलो का घरेलू सिलिंडर का दाम नवंबर 2020 से 60 फीसदी तक बढ़ गया है। वहीं दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम नियंत्रण करने में बड़ी भूमिका सऊदी अरब की होती है। नवंबर 2020 के बाद से सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको गैस के दाम 376 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 769 मीट्रिक टन कर दिया है जबकि इस दौरान कच्चे तेल के दाम 41 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 115.4 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गए हैं। ऐसे में भारत जैसे देश के लिए लंबे समय तक तेल और गैस की कीमत नियंत्रण में रखना संभव नहीं है।

रूस-यूक्रेन युद्ध

रूस दुनिया में अमेरिका और सऊदी अरब के बाद तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। वहीं रूस के द्वारा युद्ध में जाने के बाद उसके द्वारा निर्यात किया जाने वाले करीब 65 फीसदी कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में नहीं आ रहा है जिसके कारण दुनिया में बड़ा तेल संकट खड़ा होने की संभावना है। इस वजह से दुनिया में कच्चे तेल और गैस के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं।

30 फीसदी बढ़े कच्चे तेल के दाम

24 फरवरी को रूस यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ था। युद्ध शुरू होने के साथ कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 7 मार्च को 140 डॉलर प्रति बैरल तक छू गई थी। हालांकि उसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। फिलहाल कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है।


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