भारत के सर’ताज’ नीरज चोपड़ा, 88.13 मीटर का ‘सिल्वर’ थ्रो, देश को 19 साल बाद मिला मेडल, नीरज से पहले अंजू बॉबी जार्ज ने लॉन्ग जंप में 2003 में ब्रॉन्ज जीता था

भारत के सर'ताज’ नीरज चोपड़ा, 88.13 मीटर का 'सिल्वर’ थ्रो, देश को 19 साल बाद मिला मेडल, नीरज से पहले अंजू बॉबी जार्ज ने लॉन्ग जंप में 2003 में ब्रॉन्ज जीता था
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मेडल जीतने के नीरज चोपड़ा बोले, आज कंडीशन मुश्किल थी, कहा-  ‘लोग हर बार गोल्ड की उम्मीद लगाते हैं,  पर ऐसा होता नहीं, मैं कोशिश नहीं छोड़ूंगा’

यूजीन (एजेंसी)। वल्र्ड एथलेटिक्स चैंपियन में सिल्वर मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि आज की कंडीशन मुश्किल थीं। जेवलिन थ्रो फाइनल के बाद नीरज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपने प्रदर्शन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हर दिन एक जैसा नहीं होता। तीन थ्रो फाउल भी हो गए। नीरज ने कहा कि हर बार गोल्ड आए, ऐसा संभव नहीं.. पर मैं कोशिश नहीं छोड़ूंगा।

अगले साल फिर वल्र्ड चैंपियनशिप है और कोशिश करेंगे कि उसमें स्वर्ण जीतें। वल्र्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप का अगला एडिशन हंगरी के बुडापेस्ट में 18 से 27 अगस्त तक होगा।

किसी से कंपेरिजन करना ठीक नहीं

आज मेरे लिए कंडीशन मुश्किल थीं। हवा सही नहीं थी। मेरे 3 थ्रो अच्छे गए। 3 थ्रो फाउल थे। एंडरसन ने कंडीशंस का अच्छी तरह से इस्तेमाल किया। उसने बेहतर प्रदर्शन किया। हर एथलीट के लिए हर चैंपियनशिप अलग होती है। उसकी बॉडी अलग होती है। किसी से कंपेरिजन करना ठीक नहीं है।

पूरे देश को उम्मीद रहती है। हर बार सभी सोचते हैं कि गोल्ड मेडल आएगा। लेकिन, ऐसा होता नहीं है। हर दिन अलग होता है। हर चैंपियनशिप अलग होती है। हर बार गोल्ड आए ऐसा नहीं हो सकता। अप-डाउन चलता रहता है। एक एथलीट के लिए ऐसा ही होता है। मैं कोशिश करना नहीं छोड़ूंगा और देश के लिए बेहतर रिजल्ट देने की कोशिश करूंगा।

क्वालिफिकेशन राउंड मेरे लिए आसान था

क्वालिफिकेशन राउंड में मैं ज्यादा कंफर्टेबल था। तब मैंने बहुत आसानी से थ्रो कर दिए थे। आज चौथे थ्रो के बाद थाई में थोड़ी प्रॉब्लम थी। मैंने पट्टी बांधी और फिर अगला थ्रो किया। अभी मेडल जीतने का जोश है और वॉर्मअप हूं इसलिए पता नहीं चल रहा है। सुबह ही पता चला पाएगा। उम्मीद है कि सबकुछ ठीक रहेगा और अगले टूर्नामेंट कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले सकूंगा। थ्रो के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी से भी मेरी बात हुई। मैंने उन्हें अच्छे थ्रो के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि उनके एल्बो में चोट लगी थी। उन्होंने बेहतर थ्रो किया।

मेडल सभी लोगों को समर्पित

वल्र्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मुझसे पहले अंजू बॉबी जॉर्ज ने मेडल जीता था। अब मुझे उम्मीद है कि आगे भी और एथलीट देश के लिए मेडल जीतेंगे। सिल्वर मेडल उन सभी को समर्पित है, जो मेरे साथ रहे और उन देशवासियों का भी जिन्होंने मेरे लिए प्रार्थना की।


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