भारत के सबसे सफल कप्तान- कोहली

भारत के सबसे सफल कप्तान- कोहली
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कोहली 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने के बाद टेस्ट कप्तान बने थे। वे टेस्ट में टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान हैं। उन्होंने 68 टेस्ट में टीम इंडिया की कप्तानी की है और इसमें से 40 में टीम जीती है। 17 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा और 11 टेस्ट ड्रॉ रहे। दूसरे नंबर पर एमएस धोनी हैं, जिन्होंने 60 टेस्ट में कप्तानी की और इसमें से टीम इंडिया 27 मैचों में जीती। 18 में भारत को हार का सामना करना पड़ा और 15 टेस्ट ड्रॉ रहे।

सबसे ज्यादा टेस्ट में कप्तानी में कोहली छठे नंबर पर

दुनियाभर के टेस्ट कप्तानों की तुलना करें तो विराट कोहली सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने के मामले में छठे नंबर पर हैं। उनसे आगे दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ, ऑस्ट्रेलिया के एलेन बॉर्डर, न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग, ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड हैं।

विराट के बतौर कप्तान बल्लेबाजी रिकॉर्ड

विराट कोहली ने कप्तान के तौर पर बल्लेबाजी में भी अपना लोहा मनवाया। उन्होंने पिछले कुछ समय से संघर्ष करने के बावजूद 113 पारियों में 54.80 की औसत से 5,864 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 20 शतक और 18 अर्धशतक लगाए।

अफ्रीका में दो टेस्ट जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान

विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने दक्षिण अफ्रीका में दो टेस्ट मैच जीते हैं। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में सबसे पहले टीम इंडिया ने 2018 दौरे पर वांडरर्स टेस्ट जीता था और इसके बाद पिछले साल 2021 में सेंचुरियन में दूसरी बार दक्षिण अफ्रीका को हराया।

दो बॉक्सिंग टेस्ट जीतने वाले पहले भारतीय एवं एशियाई कप्तान

विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने दो बार बॉक्सिंग डे टेस्ट में बाजी मारी। सबसे पहले 2018 में भारत ने मेलबर्न टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराया था और इसके बाद 2021 में सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत हासिल की।

सेना देशों में सर्वाधिक जीत वाले एशियाई कप्तान

विराट कोहली सेना देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) में सर्वाधिक सात टेस्ट मैच जीतने वाले एशियाई कप्तान हैं। विराट की अगुवाई में टीम इंडिया ने यहां 23 टेस्ट मैच खेले और सात जीत दर्ज की। टीम को इस दौरान 13 हार और तीन ड्रॉ भी मिली।

विराट के अचानक लिए गए इस फैसले से दुनियाभर के उनके फैंस को झटका लगा। हालांकि कोहली ने इसे लेकर अपनी टीम से पहले ही बात कर ली थी। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट के खत्म होने के बाद साथी खिलाडिय़ों से इस संबंध में चर्चा की थी और उन्हें अपने फैसले की जानकारी दी थी।  अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, विराट ने ट्वीट करने के 24 घंटे पहले ड्रेसिंग रूम में टीम के खिलाडिय़ों से चर्चा की थी और अपनी कप्तानी छोडऩे की जानकारी दी थी। हालांकि उन्होंने टीम के सामने एक खास और भावुक अपील भी थी। विराट ने अपने साथियों और सहयोगी स्टाफ को खबर खुद तक रखने के लिए कहा। बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि कप्तान ने कहा, मैं आप सभी से एक छोटा सा एहसान मांगता हूं, कृपया ड्रेसिंग रूम के बाहर किसी के साथ इसे साझा न करें। इसके बातचीत के 24 घंटे के बाद विराट ने ट्वीट कर कहा, हर चीज को किसी न किसी स्तर पर रुकना पड़ता है और मेरे लिए भारत के टेस्ट कप्तान के रूप में, यह अभी है।

विराट कोहली के कप्तानी छोडऩे के बाद बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा- हम विराट कोहली के फैसले का सम्मान करते हैं। मुझे यकीन है कि उनके नेतृत्व, मार्गदर्शन और उनके बल्लेबाजी कौशल से भारतीय क्रिकेट अच्छा प्रदर्शन करता रहेगा। मुझे नहीं लगता कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने से उनके फैसले पर इतना असर पड़ा होगा। टीम इंडिया का अगला टेस्ट कैप्टन कौन होगा। इस पर धूमल ने कहा- कप्तान नियुक्त करने का निर्णय चयनकर्ताओं द्वारा किया जाता है, पदाधिकारियों द्वारा नहीं। वे आपस में चर्चा करेंगे कि अगला टेस्ट कप्तान कौन होगा।

दक्षिण अफ्रीका सीरीज से पहले विराट कोहली को वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया गया था। चयनकर्ताओं ने अपने बयान में कहा था कि हमने कोहली को टी-20 की कप्तानी छोडऩे से मना किया था, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी और सफेद बॉल के दो

कप्तान नहीं हो सकते। वहीं, विराट ने टी-20 वल्र्ड कप के शुरू होने से कुछ ही समय पहले कह दिया था कि वह अब इस फॉर्मेट में टीम का कमान नहीं संभालेंगे और केवल टेस्ट और वनडे फॉर्मेट की कप्तानी पर ध्यान देंगे

टी-20 वल्र्ड कप में टीम इंडिया का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा था और टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। वहीं, विराट की कप्तानी में टीम ने बीसीसीआई के चार टूर्नामेंट खेले लेकिन एक बार भी ट्रॉफी नहीं जीत सके।


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